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छोरियां भी छोरों से कम नहीं होती : अंतरराष्ट्रीय रेसलर बबीता फोगाट

अंतरराष्ट्रीय रेसलर बबीता फोगाट Wrestler Babita Phogat ने कहा बेटियों को मिले आगे बढऩे का मौका। हर चीज के अंदर मैंने बहुत बदलाव देखा है। पहले के माहौल में और अब के माहौल में दिन रात का फर्क है

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डीडवाना/नागौर. एक कार्यक्रम में पहुंची अंतरराष्ट्रीय रेसलर(कुश्ती खिलाड़ी) international Wrestler Babita Phogat व कोमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडलिस्ट बबीता फोगाट ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि उन्होंने फिल्म दंगल के डायलॉग के बारे में बोलते हुए कहा कि यह डायलॉग नहीं है, सच है कि छोरिया भी छोरो से कम नहीं होती। उन्होंने अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि यदि अभिभावक अपनी बच्चियों को उनकी रूचि के अनुसार सहयोग करे तो वो दंगल फिल्म के इस डायलॉग की सत्यता बता सकती है। दंगल मूवी आने के बाद देखा है कि अभिभावकों ने अपनी सोच को बहुत बदला है, अपनी लड़कियों को आगे लेकर आए हैं। यह बहुत बड़ा बदलाव है हमारे लिए।


लडक़ों से कम नहीं लड़कियां
मैं चाहूंगी कि मै हर कदम पर महिलाओं को उनके अभिभावकों को प्रोत्साहित करती रहूं, ताकि वो अपने बच्चों को खासकर अपनी लड़कियों को घर से बाहर निकाले और राजस्थान जैसे राज्य के अंदर मंै देख रही हूं कि खेलों के अंदर बहुत कम बाहर आती है, बहुत कम भाग लेती है। मैं चाहूंगी कि राजस्थान में जितनी भी लड़कियां है, उनके अभिभावकों से भी निवेदन करना चाहूंगी कि वो ज्यादा से ज्यादा अपनी बच्चीयों को घर से बाहर निकाले, चाहे वो खेल के अंदर हो, चाहे वो पढाई के अंदर हो या अन्य किसी क्षेत्र में हो। प्रत्येक फिल्ड में लड़कियों को बाहर निकालें और उनको एक मौका दे, जो लडक़े कर सकते हैं वो लड़कियां भी कर सकती है। तो लड़कियों को किसी भी क्षेत्र में, किसी भी चीज में लडक़ों से कम न आंके। वास्तव में लड़कियां किसी भी मामले में लडक़ों से कम नहीं है। चाहे वो हमारे देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हो, चाहे वो आईपीएस लेडी किरण बेदी हो।