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जिंदा बच सकता था इंजीनियर युवराज, चश्मदीद ने खोली लापरवाह सिस्टम की पोल

युवराज डेढ़ घंटे तक बचाने की गुहार लगाता रहा मगर, सिस्टम की लापरवाही की वजह से उसकी जान चली गई। हादसे के वक्त आए पुलिसकर्मियों में अधिकतर बुजुर्ग थे और उन्हें तैरना भी नहीं आता था। माइनस में तापमान होने के कारण कोई उसे बचाने नहीं कूदा।

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भारत

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Darsh Sharma

Jan 19, 2026

नोएडा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गुरुग्राम से नोएडा लौट रहे 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे पानी से भरे दलदल में गिर गई। हादसे के बाद युवराज करीब 80 मिनट तक ज़िंदगी के लिए संघर्ष करता रहा और फोन पर पिता से बार-बार कहता रहा- ‘पापा, मुझे बचा लो… मैं मरना नहीं चाहता।’ लेकिन समय पर मदद न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। दुर्घटना के वक्त पानी में कूदने वाले डिलीवरी बॉय मोनिंदर ने उस रात का पूरा सच बताया। उन्होंने बताया कि 50 मीटर तक पानी में गया लेकिन युवराज को बचा नहीं पाया। युवराज डेढ़ घंटे तक बचाने की गुहार लगाता रहा मगर, सिस्टम की लापरवाही की वजह से उसकी जान चली गई। हादसे के वक्त आए पुलिसकर्मियों में अधिकतर बुजुर्ग थे और उन्हें तैरना भी नहीं आता था। माइनस में तापमान होने के कारण कोई उसे बचाने नहीं कूदा।