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कोलकाता में बैंड बाजा, घोड़ी, बैंक्वेट, कैटरर, डेकोरेटर का बाजार गुलजार

साल के आखिरी लग्न सीजन में बैंड बाजा पार्टी से लेकर घोड़ी वाले और बैंक्वेट, कैटरर, डेकोरेटर कारोबारियों का बाजार गुलजार है। वहीं शादी समारोह में बनने वाले व्यंजनों के लिए दूध और खोया की मांग में भी 15 प्रतिशत का उछाल आया है। इस साल लग्न का आखिरी सीजन 14 दिसम्बर तक है। उसके […]

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साल के आखिरी लग्न सीजन में बैंड बाजा पार्टी से लेकर घोड़ी वाले और बैंक्वेट, कैटरर, डेकोरेटर कारोबारियों का बाजार गुलजार है। वहीं शादी समारोह में बनने वाले व्यंजनों के लिए दूध और खोया की मांग में भी 15 प्रतिशत का उछाल आया है। इस साल लग्न का आखिरी सीजन 14 दिसम्बर तक है। उसके बाद मलमास शुरू होने के कारण 14 जनवरी तक लग्न के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं रहेगा। दूध विक्रेता गोपाल सिंह ने कहा कि हर दुकान पर नियमित ग्राहकों के अलावा प्रतिदिन अतिरिक्त बिक्री हो रही है। एक विवाह में छोटे बड़े मिलाकर तकरीबन 4 समारोह होते हैं। खानपान में लगने वाले सामान के साथ बड़ी मात्रा में खोया और दूध की खपत रहती है। आयोजनों के लिए कैटरिंग संचालक दो दिन पहले ही आवश्यकता अनुसार अग्रिम राशि देकर 100 – 200 किलो दूध का ऑर्डर दे रहे हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक इस सीजन में पूरे देश में लगभग 48 लाख शादियां होने का अनुमान है। इससे व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त वृद्धि आई है। हर तरफ गाजे बाजे की आवाज सुनाई दे रही है। शादी के सीजन में कपड़े, आभूषण, सजावट, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, उपहार और खानपान क्षेत्र के व्यापार में वृद्धि हुई है। बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिले हैं। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद प्रवीन खंडेलवाल और कैट के राष्ट्रीय कार्यपालक चेयरमैन सुभाष अग्रवाल ने अनुमान जताया कि शादी के सीजन में व्यापार से लगभग 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार होगा।