हरियाणा के भिवान में शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है… मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़क पर शुरू हुआ प्रदर्शन अब सदन तक पहुंच गया है। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन मनीषा हत्याकांड पर हंगामे की भेंट चढ़ गया। भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की मौत को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। हालात ये हो गए कि स्पीकर को 6 बार विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। जो हरियाणा के इतिहास में पहली बार है। दरअसल, प्रश्नकाल की शुरुआत में ही कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने नियम 66 का हवाला देते हुए तत्काल चर्चा की मांग रखी। इस पर स्पीकर ने पहले प्रश्नकाल होने देने की बात कही। इससे नाराज कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की। विधायक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे लिखी तख्तियां लहराते हुए वेल में आ गए। गीता भुक्कल ने कहा कि प्रदेश में बेटियों की हत्याएं हो रही हैं। ऐसे में कैसे सदन चलेगा। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान भी ऐसी कई बड़ी घटनाएं हुई थीं। इससे नाराज नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि “हरियाणा में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, और सरकार पूरी तरह असफल हो चुकी है।