9 नवंबर 2025 को जब सैयद राशिद अपने परिवार को सऊदी अरब उमराह के लिए रवाना करने हैदराबाद एयरपोर्ट पहुंचे, तो किसी ने नहीं सोचा था कि ये खुशी की विदाई मौत की विदा बन जाएगी। परिवार वाले हंसते-खेलते प्लेन में बैठे, लेकिन लौटकर कोई नहीं आया। सऊदी अरब में मक्का से मदीना जा रही उमराह यात्रियों की बस डीजल टैंकर से टकरा गई। हादसा इतना खौफनाक था कि बस में आग लग गई और एक को छोड़कर सभी यात्री जिंदा जलकर राख हो गए। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कुल 45 भारतीयों की जान चली गई, जिनमें हैदराबाद के एक ही परिवार के 18 सदस्य शामिल थे। हैदराबाद के विद्यानगर में सीपीआई(एम) मार्क्स भवन के पास रहने वाले सैयद राशिद के लिए ये जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा बन गया।