माता वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्लखन के चलते वैष्णो देवी यात्रा पिछले तीन दिन से बंद है। भूस्लखन के कारण यात्रा मार्ग का लगभग 200 फीट हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। पहाड़ गिरने से लगभग 35 श्रद्धालुओं की मौत हो गई.. जबकि करीब 22 यात्री घायल है। ऐसे में मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को पूरी तरह से रोक दिया था। हालांकि कटरा में फिलहाल बादल छाए हुए है। मौसम विभाग ने 30 अगस्त तक आंशिक बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर वैष्णो देवी यात्रा कब से शुरू होगी..? और दर्शन का इंतजार कर रहे हजारों श्रद्धालुओं को माता के दर्शन कब होंगे..? श्राइन बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक पहले ट्रैक को दुरुस्त किया जाएगा फिर ट्रैक सिक्योरिटी चेक की जाएगी। इसके बाद ही यात्रा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि 30 या 31 अगस्त के बाद ही यात्रा को लेकर निर्णय होगा।
वैष्णो देवी यात्रा पर रोक की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन किए बिना ही लौट रहे हैं। हालांकि तकरीबन 4 हजार से ज्यादा श्रद्धालु कटरा में ही यात्रा शुरू होने के लिए इंतजार कर रहे हैं। मगर, यात्रा पर जल्द फैसला नहीं होने की स्थिति में उनका भी धैर्य जवाब दे सकता हैं। वैष्णो देवी यात्रा भले ही प्रकृति की मार झेल रही है। मगर, इस पर सियासत भी तेज हो गई है। जम्मू कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने एलजी मनोज सिन्हा पर ठीकरा फोड़ा। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी में कभी भी इतना बड़ा हादसा नहीं हुआ था। एलजी का यात्रा पर कंट्रोल नहीं है.. उन्होंने पूछा कि जब पहले से ही अलर्ट था तो यात्रा पहले ही क्यों नहीं रोकी गई।
कुल मिलाकर, वैष्णो देवी भूस्लखन ने कई जिंदगियों को थाम दिया है। भूस्लखन ने भले ही रास्ता रोक दिया हो.. लेकिन आस्था का सैलाब आज भी कटरा में उमड़ा हुआ है। अब सबकी निगाहें इस पर है कि मां वैष्णो देवी के द्वार कब खुलेंगे..? और इंतजार कब खत्म होगा..?