भीलवाड़ा। मांडल पुलिस थाना क्षेत्र के आरजिया चौराहे पर साइबर ठगी के बड़े ठिकाने का शनिवार रात पता लगा। घर में ही साइबर ठगी की दुकान खोल रखी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही भनक लगने से ठगी में लिप्त दो भाई भाग गए। रात को उनकी लोकेशन विदेश में आ रही थी। भीलवाड़ा पुलिस रविवार को साइबर सेल के साथ अलर्ट मोड पर नजर आई।
हरियाणा पुलिस 22 लाख की साइबर ठगी की वारदात में शामिल संदिग्धों की तलाश में यहां आई थी। हरियाणा पुलिस के एक मकान में पहुंचने पर मामला खुला। ठगोें के यहां से लगभग 10 लाख रुपए नकद, एक नोट गिनने की मशीन, 30 क्यूआर कोड मशीन, 27 मोबाइल, दो लेपटॉप बरामद हुए है। घर में कोई नहीं मिला। मकान से ही राजस्थान के कई कलक्टर, एसपी, तहसीलदार समेत कई अधिकारियों की मुहर मिली है। इनमें कई मुहर पर भारत व राजस्थान सरकार लिखा है। यह देखकर हरियाणा व भीलवाड़ा पुलिस दंग रह गई। मांडल पुलिस ने भी आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस संदिग्ध दो भाइयों की तलाश कर रही है।
थानाप्रभारी संजय कुमार ने बताया कि हरियाणा में 22 लाख की साइबर ठगी हुई थी। इसमें भीलवाड़ा जिले के आरजिया के कुछ लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। इसे लेकर जांच के लिए हरियाणा के झज्जर जिले से साइबर थाने की एएसआई सविता देवी के नेतृत्व में टीम मांडल पहुंची। मांडल से जाप्ता लेकर टीम ने रात को आरजिया चौराहे पर जुबेर हुसैन के घर में दबिश दी। घर में कोई नहीं मिला। यहां साइबर ठगी करने के सारे साधन मौजूद थे। टीम ने यहां से करीब 10 लाख नकद बरामद किए। अधिकारियों की मुहर थैले में भरी हुई थी। टीम जुबेर और उसके भाई जुवेल का पता कर रही है।
चौराहे के एटीएम पर घर से नजर
मकान से कुछ दूर मुख्य चौराहे पर एटीएम है। बदमाशों ने एटीएम में सीसी कैमरा लगा रखा था। उसकी निगरानी अपने घर में बैठकर कर रहे थे। यहां पैसा निकालने आने वाले हर ग्राहक क्या पासवर्ड डाल रहा, इसका पता ठगों को सीसी कैमरे से पता चल रहा था। पुलिस पहुंची तो कमरे में एलईडी पर एटीएम का लाइव चल रहा था। पुलिस ने एटीएम पर तैनात चौकीदार भदाली खेड़ा निवासी शाहरुख को हिरासत में लिया। उससे देर रात तक पूछताछ की जा रही थी।
एक दिन पहले लोकेशन जयपुर, रात में देश से पार
पुलिस ने जुबेर की लोकेशन निकाली। एक दिन पहले शुक्रवार को उसकी लोकेशन जयपुर आ रही थी। शनिवार रात को वह यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) आ रही थी। माना जा रहा है कि उसे हरियाणा पुलिस के आने की भनक लग गई थी। ऐसे में वह विदेश भाग गया। पुलिस उसके लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करेगी। मामले की जांच साइबर डीएसपी हरजी राम को सौंपी गई है।