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भीलवाड़ा महोत्सव 2025 से जुड़े है अटूट धागे संस्कृति के

देश में वस्त्र नगरी के रूप में विख्यात भीलवाड़ा, उन धागों का प्रतीक है जो पीढ़ियों से कुशल कारीगरी, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर की कहानियों को बुनते आए हैं। 7, 8, 9 फरवरी को वस्त्रनगरी में आयोजित भीलवाड़ा महोत्सव-2025 इस शहर की मूल पहचान को दर्शाता है, जहां विरासत, परंपरा और कला का संगम जीवंत रूप में देखने को मिलता है।

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भीलवाड़ा। देश में वस्त्र नगरी के रूप में विख्यात भीलवाड़ा, उन धागों का प्रतीक है जो पीढ़ियों से कुशल कारीगरी, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर की कहानियों को बुनते आए हैं।

7, 8, 9 फरवरी को वस्त्रनगरी में आयोजित भीलवाड़ा महोत्सव-2025 इस शहर की मूल पहचान को दर्शाता है, जहां विरासत, परंपरा और कला का संगम जीवंत रूप में देखने को मिलता है। यह उत्सव भीलवाड़ा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जहाँ प्राचीन परंपराएँ आधुनिकता के साथ सहजता से जुड़ती हैं।

एडीएम प्रशासन ओमप्रकाश मेहरा बताते है कि यह उत्सव इस बात की पहचान है कि कैसे कला इतिहास को संरक्षित और संस्कृति को जीवित रखती है। जिस प्रकार भीलवाड़ा के वस्त्र उद्योग ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, उसी तरह यहाँ की परंपराएँ भी समय के साथ अटूट रूप से जुड़ी हुई हैं जिसमें राजस्थान की आत्मा झलकती है।

एडीएम सिटी प्रतिभा देवठिया बताती है कि यह महोत्सव आगे उस भावना को दर्शाता है, जहां विविध समुदाय एक साथ आकर नृत्य, संगीत, कला, साहित्य, खेल कूद आदि के माध्यम से परंपराओं का सम्मान करते हैं। यह न केवल शहर की गौरवशाली परंपराओं का उत्सव है, बल्कि नवाचार को अपनाने का भी प्रतीक है।

भीलवाड़ा महोत्सव 2025 यहां के नागरिकों एंव देश विदेश से आये पर्यटकों को इस अनूठी संस्कृति को महसूस करने और भीलवाड़ा की कहानी का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता है, जो सांस्कृतिक एकता के अटूट धागों से सजी हुई है। जिला प्रशासन भीलवाड़ा आगामी 7, 8, 9 फरवरी को “भीलवाड़ा महोत्सव- 2025” में आप सभी को सहर्ष आमंत्रित करता है |