भीलवाड़ा। जिला मुख्यालयों के वकीलों ने जिला सेशन न्यायालय परिसर का विस्तार एवं मूलभूत सुविधाएं बढ़ने की पैरवी की है। राजस्थान पत्रिका के जिला एवं सेशन न्यायालय परिसर में गुरुवार दोपहर टॉक शो में वकीलों ने कहा कि बीस साल में जिला न्यायालय के अधीन न्यायालयों की संख्या बढ़ी है। वकीलों के साथ पक्षकार व मुकदमे भी बढ़े हैं। न्यायालय में इसके अनुपात में सुविधाएं नहीं जुट सकी है। कई न्यायालय किराए के भवनों में है। कुछ न्यायालय सरकार के ही जर्जर भवन में काम कर रहे हैं।
उन्होंने जिला न्यायालय के नए भवन के लिए आवंटित 18 बीघा जमीन को नाकाफी बताया। आगामी पचास साल को देखते हुए 50 बीघा जमीन आवंटित करने की बात कही। वकीलों ने न्यायालय के नए भवन बनने से पूर्व वैकल्पिक रूप से जिला एवं सेशन न्यायालय भवन परिसर के विस्तार की बात कही। इसके लिए न्यायालय परिसर के आसपास के सरकारी आवासों को न्यायालय को सौंपने की जरूरत बताई। यहां नया मल्टी स्टोरी भवन बनाने और बेहतर पार्किंग व्यवस्था की बात कही।
उनका कहना था कि जिला न्यायालय को इसी स्थान पर रखा जाए, क्योंकि यह कोर्ट स्थल सहज एवं सुगम है। जिल भरे से वकील व पक्षकार यहां आते हैं। यहां की सुविधाओं का ही विस्तार किया जाना चाहिए। वकीलों का जिला न्यायालय परिसर में नया निर्माण कराने एवं एक ही छत के नीचे सभी न्यायालयों को रखने पर जोर रहा है। वकीलों ने अलग से विशेष कक्ष होने, भूमिगत पार्किग व्यवस्था की भी मांग की।
इन्होंने रखी अपनी बात
जिला अभिभाषक संस्था अध्यक्ष राजेश शर्मा,महासचिव रामपाल शर्मा, अधिवक्ता उम्मेद सिंह राठौड़, हेमेन्द्र शर्मा, पीरू सिंह गौड़, उदयलाल शर्मा, संजय कुमार रांका, दुर्गाशंकर कोली, अमित शर्मा, परशुराम दाधीच, राकेश नुवाल, रवि गोरानी, घनश्याम सारस्वत, ओमप्रकाश तेली, रामेश्वर लाल जाट, अशोक कुमार खोईवाल, गोपाल सोनी आदि मौजूद रहे।