
भीलवाड़ा। बिहार की सीबीआई टीम ने भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र संदीप कुमार को नीट घोटाले में गिरफ्तार किया है। संदीप सांचौर जिले के करड़ा निवासी है।
मोबाइल पर संदीप की बहन सुशीला विश्नोई ने कहा कि उसका भाई निर्दोष है। उसने बताया कि संदीप ने हिन्दी मीडियम से इस साल नीट परीक्षा पास की थी। उसके कुल 602 अंक आए थे। किसी दोस्त ने उसे 5 मई को बिहार में बुलाया था। वह दोस्तों के साथ था। उसका नीट घपले से कोई लिंक नहीं है। बहन का कहना था कि संदीप हिन्दी मीडियम का छात्र रहा, जबकि अंग्रेजी मीडियम के पेपर को सॉल्व करने के आरोप में सीबीआई उससे पूछताछ कर रही है। संदीप को उसके पिता शुक्रवार को जोधपुर ले गए थे। वहां उसे हाईकोर्ट में सरेंडर किया था।
13 जुलाई को अंतिम बार मिला
भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. वर्षा सिंह ने बताया कि संदीप कुमार प्रथम वर्ष का छात्र है। 13 जुलाई को प्री यूनिवर्सिटी के एग्जाम थे। तब वह एंटोलमेंट नम्बर लेने प्रशासकीय कार्यालय आया था। इसके बाद बाद से सम्पर्क में नहीं है। 6 अगस्त को प्री यूनिवर्सिटी एग्जाम शुरू होने से घर चला गया था।
सहपाठी ने मांगा परीक्षा का प्रवेश कार्ड
जानकारी में सामने आया कि संदीप की बहन ने संदीप के सहपाठी की मदद से परीक्षा का प्रवेश कार्ड कॉलेज से मंगवाया था। प्रवेश कार्ड लेने वह प्रिंसिपल के पास गया। प्रिंसिपल ने कार्ड देने से मना कर दिया और कहा कि खुद संदीप की बहन से बात करेगा। इसके बाद प्रिंसिपल ने मोबाइल के जरिए सांचौर के करड़ा में सुशीला से बातचीत की। सुशीला ने सिर्फ यही बताया कि सीबीआई से पटना के मामले को लेकर फोन आया है और सरेण्डर करने को कह रही है। इधर, सहपाठियों का कहना है कि संदीप मेधावी छात्र है।
पांच दिन का रिमांड
आरोपी संदीप को पटना की विशेष अदालत में पेश किया, जहां सीबीआई को 5 दिन के रिमांड पर सौंपा। इस मामले में तीस से अधिक गिरफ्तारी हो चुकी है। सामने आया है कि संदीप ने अन्य मेडिकल छात्रों के साथ हजारीबाग में 5 मई की परीक्षा से पहले नीट का प्रश्न पत्र सॉल्व किया। इसी सॉल्वड पेपर को संजीव मुखिया गिरोह के रॉकी और अन्य माफिया ने बिहार-झारखंड में साथियों को भेज अभ्यर्थियों को रटवाया था।