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श्रीगंगानगर. कर्नाटक की फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने किया है। इस ठगी के मामले में श्रीगंगानगर के रहने वाले दो आरोपियों को काबू कर इनके कब्जे से दस लाख रुपए की नकदी, छह मोबाइल और एक लग्जरी कार जिसकी कीमत अनुमानित 85 लाख रुपए बरामद की है। एसपी ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि कर्नाटक के रहने वाले अटटापटअू बाबू ने साइबर पोर्टल पर शिकायत की थी। इसमें बताया कि वह कर्नाटक की फॉरेक्स ट्रेडिंग के संचालकों के संपर्क में आया। इन संचालकों ने एक हजार रुपए के छह हजार रुपए का लालच दिया। इनकी बातों में आकर उसने खुद और अपने परिचितों के माध्यम से साढ़े चार करोड़ रुपए जमा कराए थे लेकिन पेमेंट देने की आनाकानी करने लगे। इन लोगों ने श्रीगंगानगर में आकर सुलह कराने की बात कही। जब वह श्रीगंगानगर पहुंचा तो फिर पेमेंट देने से इनकार दिया। इस संबंध में पुलिस की मदद मांगी। एसपी यादव ने बताया कि पीडि़त ने आरोपियों के बताए गए एक मोबाइल नम्बर की डिटेल खंगाली तो पांच लोगों ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करवा रखी थी। इसमें से एक बैंक खाते की जांच की तो इस खाते में 76 हजार लोगों से ठगी की रकम करीब एक हजार करोड़ रुपए की एंट्री सामने आई। एसपी ने बताया कि कर्नाटक के ज्यादातर लोग इस फॉरेक्स ट्रेडिंग के झांसे में आकर ठगी के शिकार हुए है। श्रीगंगानगर में रहने वाले दो आरोपियों को राउंडअप किया गया है। इसके अलावा चार आरोपियों के बारे में प्रारभिंक जानकारी मेें यह सामने आया है कि वे दुबई भाग चुके है।
पूरे प्रकरण में अरबों की ठगी का खेल
पुलिस अधीक्षक यादव ने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण का आकलन अरबों रुपए ठगी का सामने आने वाला है। कई आरोपी इस खेल में शामिल है। कर्नाटक के अलावा बिहार आदि राज्यों के साइबर एक्सपर्ट भी इस साइबर फ्रॉड का हिस्सा हो सकते है। इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। श्रीगंगानगर में जांच टीम में सीओ सिटी आइपीएस बी आदित्य और प्रशिक्षु आईपीएस अजेय सिंह राठौड़ के अलावा सदर सीआई सुभाष, पुरानी आबादी एसएचओ ज्योति नायक आदि शामिल है।