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साइबर ठगों ने शेयर बाजार में अच्छे मुनाफे का लालच देकर डकारे एक करोड़

भीलवाड़ा। साइबर ठगी के जाल में वस्त्रनगरी के कई नामचीन पेशेवर फंसे हैं। इनमें इंजीनियर, सीए, डॉक्टर, व्यापारी और परिजन शामिल हैं। कुछ ने साइबर थाने में रिपोर्ट दी जबकि कुछ यह सोचकर चुप रह जाते हैं कि जमाना क्या कहेगा कि समझदार भी धोखा खा गए...।

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भीलवाड़ा। साइबर ठगी के जाल में वस्त्रनगरी के कई नामचीन पेशेवर फंसे हैं। इनमें इंजीनियर, सीए, डॉक्टर, व्यापारी और परिजन शामिल हैं। कुछ ने साइबर थाने में रिपोर्ट दी जबकि कुछ यह सोचकर चुप रह जाते हैं कि जमाना क्या कहेगा कि समझदार भी धोखा खा गए…। राजस्थान पत्रिका के शुक्रवार के अंक में साइबर क्राइम के बड़े खुलासे के बाद साइबर थाने में साइबर ठगी के शिकार लोगों की आवाजाही बढ़ी है।

साइबर थाना पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार शहर के एक व्यापारी ने सोशल मीडिया पर मिला लिंक खाेला तो व्हाट्स अप ग्रुप से जुड़ गया। ग्रुप में शेयर कारोबार को लेकर अच्छे मुनाफे का लालच दिया गया। व्यापारी झांसे में आ गया व बड़ी राशि लगा बैठा। बैंक खाते से भी रुपए निकल गए। कुल एक करोड़ नौ लाख रुपए की साइबर ठगी हुई। परिजन को जानकारी हुई तो सन्न रह गए। आनन फानन में बैंक के खाते ब्लॉक कराए। इस कार्रवाई में बीस लाख रुपए जरूर सीज हो गए। साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तकनीकी सुरक्षा, कड़े कानून जरूरी

अधिवक्ता उम्मेद सिंह राठौड़ व पवन पंवार बताते हैं कि साइबर अपराध रोकने को तकनीकी सुरक्षा, आईटी के कड़े कानून, जन-जागरूकता आवश्यक है। सतर्कता और सहयोग से एक सुरक्षित डिजिटल भारत का निर्माण संभव है।

एक्सपर्ट व्यू…… मोबाइल के उपयोग में बरतें सावधानी

साइबर ठगी आर्थिक अपराध है। इसे समझने की जरूरत है, लोगों को भी मोबाइल का उपयोग सावधानी के साथ करना होगा। वे बताते हैं कि समय समय पर जिला मुख्यालय-पुलिस मुख्यालय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट के लिए एक, पांच व 15 दिवसीय प्रशिक्षण करवाया जा रहा है। साइबर पुलिस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण सबंधित पुलिस थानों के जरिए किया जा रहा है। व्यक्तिगत सतर्कता के तौर पर जरूरी है कि अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, नियमित रूप से पासवर्ड बदलें और डेटा का बैकअप रखें। ऑनलाइन लेनदेन करते समय सावधानी बरतें। मजबूत पासवर्ड और दो-चरणीय प्रमाणीकरण अपनाएं। अज्ञात ईमेल या लिंक से बचें। नियमित डेटा बैकअप और एंटीवायरस का उपयोग करें। साइबर अपराधों की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।

पारस जैन, अति.जिला पुलिस अधीक्षक, भीलवाड़ा