
इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में डॉ. अरविंद घनघोरिया ने गुरुवार को डीन पद का चार्ज लिया। पहले वह इंदौर सर्जरी विभागाध्यक्ष रहे थे। उसके बाद नीमच मेडिकल कॉलेज डीन बने थे। शासन ने प्रशासकीय आधार पर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए अस्थाई रूप से एमजीएम मेडिकल कॉलेज डीन पद पर पदस्थ किया है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 30 नवंबर 2024 को तत्कालीन डीन डॉ. संजय दीक्षित के सेवानिवृत्त होने के बाद यह डीन के रूप में तीसरी नियुक्ति है। कुछ दिन पूर्व डीन डॉ. वीपी पांडेय अवकाश पर चले गए थे। उन्होंने चार्ज डॉ. एके पंचोनिया को सौंपा था।
कोर्ट के आर्डर पर बने थे डॉ. पांडेय डीन
डॉ. दीक्षित के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव को चार्ज दिया था। डॉ. वीपी पांडेय कोर्ट के आदेश के बाद डीन बने लेकिन चार्ज न मिलने पर कोर्ट तक मामला पहुंचा था। कोर्ट का आदेश न मानने पर डॉ. यादव को फटकार भी लगी थी। डॉ. पांडेय के चार्ज लेने के बाद शासन की तरफ से भी उन्हीं को डीन पद पर पदस्थ किए जाने का आर्डर आया। लगभग दो माह तक कार्य करने के बाद अब फिर से शासन ने डीन के रूप में तीसरी नियुक्ति की है।
मरीजों के हित में होंगे अधिक काम
प्रभार लेने के बाद डीन डॉ. घनघोरिया ने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज में ही 24 साल का समय बीता है। यहां पर डीन के रूप में पदस्थ होना बेहद ही अच्छा लग रहा है। मरीजों के हित में कई कार्य, नवाचार, विद्यार्थियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं, सर्जरी के लिए नई ओटी सहित अन्य कई कामों को जल्द पूरा करने की प्राथमिकता रहेगी।