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डॉ. संध्या जैन की याचिका खारिज, डॉ. अलका गुप्ता बनीं प्राचार्य

– दंत चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य पर हाईकोर्ट का निर्णय, 15 दिन से जारी असमंजस दूर- हाई कोर्ट ने कहा- विशेष परिस्थितियों में जूनियर को सौंपा जा सकता है प्रभार इंदौर. शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में प्राचार्य पद को लेकर पूर्व प्राचार्य डॉ. संध्या जैन की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। डॉ. जैन […]

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– दंत चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य पर हाईकोर्ट का निर्णय, 15 दिन से जारी असमंजस दूर- हाई कोर्ट ने कहा- विशेष परिस्थितियों में जूनियर को सौंपा जा सकता है प्रभार

इंदौर. शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में प्राचार्य पद को लेकर पूर्व प्राचार्य डॉ. संध्या जैन की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। डॉ. जैन ने प्राध्यापक डॉ. अलका गुप्ता को शासन द्वारा चार्ज देने को चुनौती दी थी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने आदेश दिया कि डॉ. जैन को इस पद का चार्ज रखने का कानूनी अधिकार नहीं है। डॉ. जैन का यह आरोप निराधार है कि उनकी एसीआर डॉ. गुप्ता द्वारा लिखी जाएगी, क्योंकि सरकारी आदेश के अनुसार जब किसी को चार्ज सौंपा जाता है तो उसे संबंधित व्यक्ति की एसीआर लिखने का अधिकार नहीं होता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश सजा देने के लिए नहीं था, बल्कि प्रशासनिक आवश्यकता थी। यह निर्णय राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकार के तहत लिया गया था। प्रशासनिक कारणों से वर्तमान चार्ज किसी जूनियर अधिकारी को भी सौंपा जा सकता है। बशर्ते वह निर्णय न्यायसंगत हो। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कोई कास्ट नहीं लगाने का निर्देश दिया।

कोर्ट के फैसले के बाद अब डॉ. अलका गुप्ता शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्य हो गई हैं। मालूम हो, राज्य शासन ने 8 जनवरी को डॉ. जैन के स्थान पर प्राध्यापक डॉ. अलका गुप्ता को प्राचार्य बनाने का आदेश जारी किया था। इस पर डॉ. जैन ने हाईकोर्ट में रिट याचिका लगाकर कहा कि उनके पद का चार्ज उनके जूनियर को सौंपना अनुचित है। 15 सितंबर 2023 से वे प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य कर रही हैं। बिना कारण बताए यह आदेश दिया गया है। डॉ. गुप्ता को मास्टर डिग्री के बिना नियुक्त किया गया है, जबकि इस पद के लिए मास्टर डिग्री अनिवार्य है। इस आदेश से उनके भविष्य पर प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि डॉ. गुप्ता अधीनस्थ कार्यों के लिए एसीआर लिखेंगीं।