
नागौर. जिले में गुरुवार को एवं शुक्रवार को लगातार हुई बारिश ने कई जगह जर्जर मकानों को गिराने के साथ कच्चे मकानों को भी गिराया। इससे हर जगह जलप्लावन की स्थिति बन गई। शहर एवं ग्रामीण इलाकों में घंटों मुख्य मार्गों पर पर पानी भरा रहा। आवासीय क्षेत्रों में रह रहे लोग बरसात के चलते हुए जल जमाव से दहशत में रहे। नागौर शहर में जहां रामपोल के पास गिरे मकान के निकट रहने वाले परिवार को एहतियान टाउन हाल में ठहराया गया, वहीं 20 अन्य जर्जन मकान के मालिकों को नोटिस जारी कर दी गई है। स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को शाम सात बजे से रात 12 बजे तक उपखण्ड अधिकारी सुनील कुमार एवं आयुक्त रमेश रिणवा दलबल के साथ बरसात के चलते हुए जल जमाव वाले इलाकों का भ्रमण रहे। शुक्रवार को भी सुबह सात बजे से जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित एवं आयुक्त रमेश रिणवा शहर एवं आसपास के इलाकों में कई जगह भ्रमण कर स्थिति का मुआयना किया।
आयुक्त एवं उपखण्ड अधिकारी ने किया भ्रमण
दो दिनों में हुई बरसात से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन को पूरी तरह से अस्तव्यस्त कर दिया है। बारिश के चलते किले की ढाल, कुम्हारी दरवाजा, शिवबाड़ी, भार्गव मोहल्ला, काठडिय़ा का चौक, बाठडिय़ा का चौक, बंशीवाला मंदिर के पास, दिल्ली दरवाजा, पुराना बस स्टैंड, सैनिक बस्ती, व्यास कालोली, इंदिरा कालोनी एवं कृषि मंडी के पीछे के एरिया में कई जगहों पर बरसात का पानी भरा रहा। इन क्षेत्रों में घंटों पानी जमा रहा। बताते हैं कि क्षेत्र के नालों के पूरी तरह से जाम होने के कारण पानी इन नालों की जगह सडक़ों पर दरिया बनकर बहता रहा। इसके चलते भार्गव मोहल्ला एवं सोनीबाड़ी क्षेत्र के कई मकानों के अंदर पानी जा पहुंचा। हालांकि जल जमाव होने की जानकारी मिलने के बाद आयुक्त रमेश रिणवा एवं उपखण्ड अधिकारी सुनील कुमार मौके पर पहुंचकर मुआयना करने के साथ ही कुछ जगहों पर पानी निकासी का रास्ता भी खुलवाया।
ग्रामीण इलाकों में कई जगह भरा पानी, तालाबों में चली चादर
जिले में मूण्डवा, परबतसर, जाब्दीनगर, तरनाऊ, आनियावास, बड़ी खाटू, जायल, कोठाती, पांचोड़ी, खारिया सहित जिले के ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हुई जोरदार बारिश से चारों ओर पानी भरा नजर आया। कई जगहों पर तालाबों की चादरें भी चली। गांवों में बरसात के चलते विद्यालय, खेतों एवं घरों तक में पानी घुसा नजर आया। इसकी वजह से पूरा जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
जल निकासी के लिए लगाई मशीन
शहरी क्षेत्रों में कई जगहों पर भरे पानी की निकासी के लिए नगरपरिषद की ओर से चांपा, दुलाया, गाजीखाड़ा एवं प्रतापसागर के निकट स्थित सीवरेज पम्पिंग स्टेशन पर मशीनों लगाई गई है। इनसे लगातार पानी निकाला जा रहा है। नगरपरिषद की ओर से जल जमाव वाले क्षेत्रों की स्थिति के लिए आयुक्त रमेश रिणवा की ओर से एक विशेष टीम बनाकर मौकों पर भेजा गया। टीम को निर्देश है कि जल जमाव की स्थिति में इसकी जानकारी अविलंब दिए जाने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों से पानी की निकासी कराई जानी चाहिए।
टाउनहाल में रतन बहन की ठहरने की व्यवस्था
जल जमाव वाले क्षेत्रों के निरीक्षण के साथ ही आपातकालीन स्थिति में लोगों के ठहरने के लिए शहर के टाउनहाल एवं रतन बहन विद्यालय में ठहरने की व्यवस्था की गई है। टाउनहाल में फिलहाल एक परिवार रह रहा है।
जर्जर मकानों के मालिकों को नोटिस, दी चेतावनी
नगरपरिषद की ओर से बरसात के दौरान जर्जर मकानों वाले के निकट के मकानों को भी एहतियातन खाली कराया जा रहा है। इसके साथ ही अत्याधिक जर्जर भवनों के 20 मालिकों को नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न इलाकों में सर्वे कराकर जर्जर भवनों को चिह्नित करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। आयुक्त रिणवा की ओर से इसके लिए पांच सदस्यीय टीम भी बना दी गई है। यह टीम मकानों का सर्वे कर इसकी जानकारी सीधा आयुक्त को देगी। नगरपरिषद की ओर से एहतियातन चल रही कवायद के बीच जानकारों का कहना है कि नागौर शहर एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में जर्जर मकानों की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे लगभग सौ मकान हैं। जो पूरी तरह से जर्जर हैं। बरसात के दौरान गिर सकते हैं। परिषद की ओर से इमानदारी से जांच कराकर इनको जमींदोज कराना चाहिए, नहीं तो फिर स्थिति कभी भी विकट हो सकती है।
इन जगहों पर बरसात ने गिराए मकान
लगातार हुई बरसात के चलते नागौर शहर के नकास गेट का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हालांकि यहां पर एहतियातन थोड़ी देर के लिए यातायात उस ओर से रोक दिया गया था। इसी तरह से रामपोल एवं आजाद चौक के बीच मकान का अगला हिस्सा जोरदार आवाज के साथ गिर पड़ा। आसपास के खड़े लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। फकीरों का चौक में भी एक मकान का छज्जा गिर पड़ा। संयोगवश कोई जनहानि नहीं हुई। इसी तरह से जिले में खेतोलाव, गगवाना एवं तरनाऊ में भी मकान गिर गया। अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। फिलहाल कोई जनहानि की जानकारी नहीं है।
जर्जर मकानों की सूचना इस नंबर पर दें
प्रशासन की ओर से आमजन से आग्रह किया गया है कि बरसात के दौरान जर्जर मकानों के होने की स्थिति में इसकी जानकारी 240830 नंबर पर दे सकते हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न दरवाजे एवं किले के आसपास के दुकानों से आग्रह किया गया है कि बारिश के अलर्ट को देखते हुए वह दो से तीन दिनों तक अपनी दुकानों को बंद रखें। इसके साथ ही शहर के दरवाजों से दूरी बनाकर रखें। बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकालें। जानकारी व सहायता हेतु जिला कलक्टर कार्यालय के दुरभाष नं. 240830 पर तुरन्त सम्पर्क कर सकते है।
इनका कहना है…
जल जमाव वाले इलाकों से जल निकासी के लिए विशेष टीम गठित कर मशीने लगाई गई है। इसके साथ ही जर्जर मकानों के मालिकों को नोटिस जारी कर चस्पा करा दिया गया है। इसके अलावा जर्जर मकानों के साथ ही खराब स्थिति वाले भवनों की जांच करने के लिए भी अलग से टीम बनाकर कार्रवाई की जा रही है। स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
रमेश रिणवा, आयुक्त नगरपरिषद नागौर