
इंदौर। नगर निगम के निलंबित सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) राजेश पिता सत्यनारायण परमार के बिजलपुर की आवास कॉलोनी सहित दो ठिकानों पर आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरों (इओडब्ल्यू) की टीम ने शुक्रवार सुबह छापामार कार्रवाई की। प्राथमिक जांच में अधिकारी व परिवार के नाम के दो मकान, चार फ्लैट व दो भूखंड से संबंधित दस्तावेज मिले। परमार को अभी तक वेतन-भत्तों से आय करीब 60 लाख आय हुई और करीब 4 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सामने आई है।
शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज करने के बाद एसपी रामेश्वरसिंह यादव के निर्देशन में सुबह करीब 5 बजे दो टीमों ने सर्चिंग अभियान शुरू किया। डीएसपी मधुरवीणा गौड व पवन सिंघल के नेतृत्व में बनी टीम बिजलपुर आवास कॉलोनी स्थित निवास के साथ ही कनाडिया रोड पर परिजनों के निवास पर पहुंची और वारंट की जानकारी देकर सर्चिंग शुरू कर दी। परमार बिजलपुर के निवास पर था, पुलिस ने वीडियो रिकार्डिंग करते हुए सर्चिंग की।। राजेश परमार करीब 15 साल पहले बेलदार के पद पर नियुक्ति हुआ था और अभी सहायक राजस्व अधिकारी है। शिकायतों के चलते उसे कुछ समय पहले निलंबित किया गया था। इओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में ही परमार व परिवार के लोगों के नाम से मकान, भूखंड, फ्लैट संबंधित दस्तावेज मिल गए। संपत्ति राजेश परमार, उसकी पत्नी व माता-पिता के नाम है।