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पूर्व रणजी ​खिलाड़ी शैलेन्द्र सिंह गहलोत तराश रहे रेलवे में नए गेंदबाज

रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करने को लेकर क्रिकेट के मैदान पर सुर्खियों में बने रहते थे, अब जिम्मेदारी बदली तो अपने से कही अधिक तेज तर्रार गेंदबाज तरशाने की कोशिश में जुटे है। इसके लिए वह घंटों मैदान पर टीम के साथ कड़ी मेहनत करते है। यह पहचान है भारतीय रेलवे क्रिकेट टीम (अंडर - 23) के मुख्य कोच एवं पूर्व रणजी खिलाड़ी शैलेन्द्र सिंह गहलोत की।

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भीलवाड़ा। रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करने को लेकर क्रिकेट के मैदान पर सुर्खियों में बने रहते थे, अब जिम्मेदारी बदली तो अपने से कही अधिक तेज तर्रार गेंदबाज तरशाने की कोशिश में जुटे है। इसके लिए वह घंटों मैदान पर टीम के साथ कड़ी मेहनत करते है। यह पहचान है भारतीय रेलवे क्रिकेट टीम (अंडर – 23) के मुख्य कोच एवं पूर्व रणजी खिलाड़ी शैलेन्द्र सिंह गहलोत की। गहलोत मूलत: भीलवाड़ा के द्वारका कॉलोनी निवासी है और अभी भीलवाड़ा में मुख्य रेलवे टिकट निरीक्षक है। गहलोत से पत्रिका की हुई बातचीत के प्रमुख अंश निम्न है।

पत्रिका: भारतीय रेलवे टीम के कोच की जिम्मेदारी कब संभाली ?

गहलोत: रेलवे ने हाल ही मुख्य कोच की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। दो प्रशिक्षण कैंप आयोजित हो चुके है।

तीसरा कैंप दिल्ली में आयोजित हो रहा है। यह कैंप 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

पत्रिका: रेलवे टीम को अब कहां देखना चाहते है?

गहलोत: रेलवे टीम सीके नायडू क्रिकेट प्रतियोगिता की चैंपियन बने, इसके लिए टीम के साथ कड़ी मेहनत कर रहे है। टीम में कई होनहार खिलाड़ी है।

पत्रिका: आपकी क्रिकेट में पहले क्या भूमिका थी ?

गहलोत:भीलवाड़ा से लंबे समय तक क्रिकेट खेला, टीम में मेरी भूमिका राइट आर्म मीडियम फास्ट बॉलर की रही है।

पत्रिका: राजस्थान टीम से कब जुड़े ?

गहलोत: राजस्थान अंडर-19 टीम के लिए पहला चयन वर्ष 1999 में हुआ। टीम चैंपियन बनी, प्रतियोगिता में सर्वाधिक 33 विकेट मेरे नाम रहे। अंडर-23 टीम के लिए भी कई विकेट झटके।

पत्रिका: रणजी टीम में चयन कब हुआ ?

गहलोत: राजस्थान रणजी टीम में वर्ष 2001 में डेब्यू हुआ। पहला मैच विदर्भ के खिलाफ खेला और एक विकेट भी हांसिल किया। देवधर, सीके नायडू, विजय हजारे, जेपी आत्रे समेत कई प्रतिष्ठित घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता खेल चूका हूं। पन्द्रह साल तक विभिन्न टीमों के खेलता रहा हूं।

पत्रिका: ऐसी पारी, जो अभी भी याद है?

गहलोत:टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता में 20 वां ओवर मेडन होने के मौके कम ही रहते हे। लेकिन सैयद मुस्ताक अली खां टूर्नामेंट में यूपी के खिलाफ रेलवे की तरफ से खेलते हुए अंतिम व 20 वां ओवर मेडन रखा है।

पत्रिका: किन खिलाड़ी के विकेट मिलने से सर्वाधिक खुशी हुई?

गहलोत: घरेलू प्रतियोगिताओं के सभी फारमेट में सौ से अधिक विकेट लिए है। इस दौरान भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी व विराट कोहली, मोहम्मद कैफ, आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्ताव स्टीव स्मिथ, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ, एंड्रयू स्ट्रॉस आदि। कुछ मौके पर टीम के लिए रन भी बटोरे है।

पत्रिका: किस खिलाड़ी को आदर्श मानते है।

गहलोत: पूर्व भारतीय क्रिकेटर जुगावलश्रीनाथ व अजय जड़ेजा