अजमेर(Ajmer News). वन्यजीवों के शिकार पर प्रतिबंध के बाद भी शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में रात के अंधेरे में शिकार का शौक पूरा किया जा रहा है। मंगलवार रात वन्यजीव का शिकार खेलने गए कथित ‘शिकारी’ ऊंटड़ा गांव में खुद शिकार हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझकर पीछा किया तो उनकी तेज रफ्तार जीप सड़क पर पलट गई। गेगल थाना पुलिस ने उनको शांतिभंग में गिरफ्तार किया है।
मंगलवार देर रात ऊंटड़ा गांव में ग्रामीणों को अंधेरे में दो संदिग्ध नजर आए। ग्रामीणों ने चोर समझकर शोर मचाते हुए उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। संदिग्धों ने शोर मचाए जाने पर अपनी खुली जीप को भगाने का प्रयास किया। जीप कुछ दूरी तय करने के बाद पलट गई। ग्रामीणों ने जीप में सवार सिविल लाइन्स मीरशाह अली निवासी अब्दुल रशीद मोइनी पुत्र रहीम मोइनी व उसके साथी को दबोचा। ग्रामीणों ने उनको आड़े हाथ लिया तो उन्होंने सच्चाई उगल दी। इधर संदिग्ध युवकों के पकड़े जाने की सूचना पर गेगल थाना पुलिस की टीम पहुंची। पुलिस ने उन्हें थाने लाने के बाद शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया।
शिकार के इरादे से आए
बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हुआ। इसमें ग्रामीण अब्दुल रशीद व उसके साथी से पूछताछ करते दिख रहे हैं। वीडि़यों में वह कह रहा है कि वे चोर नहीं है। रात में शिकार करने के इरादे से आए थे। उनके पास जीप में एयरगन(.22) और ड्रेगन लाइट है। अब्दुल रशीद के साथी ने जेब से .22 बोर के छर्रे की डिब्बी निकालकर ग्रामीणों को दी।
मिल रखा है लाइसेंसी हथियार
पत्रिका पड़ताल के अनुसार अब्दुल रशीद मोइनी के पास .22 बोर का लाइसेंसी हथियार भी है। लाइसेंसी हथियार के संबंधित जानकारी सिविल लाइन थाने में मौजूद है। हालांकि पुलिस ने शिकार, शिकार करने में इस्तेमाल होने वाले हथियार के संबंध में फिलहाल पड़ताल नहीं की।
इनका कहना है…
ऊंटड़ा में दो संदिग्ध को ग्रामीणों ने पकड़ा था। भागने के दौरान जीप सड़क किनारे पलट गई। शांतिभंग के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया था।
सुमन, थानाधिकारी गेगल