रहवासी कर रहे हैं परेशानियां का सामना
आवागमन में भी अब लगने लगा है डर
इंदौर। देवास बायपास निपानिया स्थित हरे कृष्ण विहार कॉलोनियों के 1 हजार से अधिक रहवासी पिछले 1 साल से जर्जर सडक़ से दुर्घटना का शिकार हो रहे है, लेकिन जिम्मेदार बेखबर हैं। रहवासियों का कहना है कि यह कॉलोनी वार्ड 36 में आती है। इस कॉलोनी की सडक़ वर्ष 2000 में बनाई गई थी, लेकिन 20 साल बीतने के बाद भी सडक़ में दरारे और गेप नहीं आई। पिछले एक साल में कॉलोनी के मार्ग को मुख्य मार्ग से जोड़ दिया है, जिससे एक साल में ही 1 किमी की सडक़ में बड़े-बड़े गड्ढे, दरारे और गेप आ गई है। इस वजह से कॉलोनी के रहवासी आए दिन सडक़ दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। कॉलोनी में दिन-रात धूल के गुबार उड़ रहे है, जिससे सांस लेना भी दूभर हो गया है। समय रहते जिम्मेदारों ने इस ध्यान नहीं दिया, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
खुले गड्ढे के पास बैरिकेड्स भी नहीं लगाए
मुख्य हाइवे को छोडक़र अब अंदर कॉलोनी की सडक़ पर ट्रक और डंपर सहित बड़े वाहनों की आवाजाही हो रही है। निर्माण के चलते जिम्मेदारों ने कॉलोनी की ओर से रास्ता डायवर्ट कर दिया है। इस एक किमी के रास्ते पर कही भी बैरिकेड्स नहीं लगाए गए है। बिना किसी सावधानी या सूचना बोर्ड भी नहीं लगाए है, बड़े वाहनों की तेजगति से आवाजाही निरंतर जारी है, जिससे रहवासियों ने भय का माहौल बना हुआ है।
बच्चे और वृद्ध हो चुके हैं घायल
इस खराब सडक़ के कारण आए दिन दुर्घटना हो रही हैं। रहवासी अनिल गौड ने बताया कि सुबह 8 बजे पुत्र अध्ययन जिम के लिए जा रहा था, दुपहिया वाहन का पहिया सडक़ की गेप में फंस गया,जिससे गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया। बालक को हाथ और पैर में चोट आई है। इसी तरह कॉलोनी के एक बुजुर्ग भी मोटर साइकिल से आवाजाही में सडक़ दुर्घटना का शिकार हो गए है। यहा रास्ता बच्चों और बुजुर्गों के लिए जोखिमभरा हो गया है।