– पहले दिन 1500 से ज्यादा विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, कटऑफ कम होने की संभावना
इंदौर. इंजीनियरिंग के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आइआइटी, एनआइटी और अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित जेईई मेंस सेशन-1 का पहला चरण बुधवार से शुरू हुआ। परीक्षा देशभर में ऑनलाइन मोड में आयोजित की गई, जिसमें इंदौर के लिए 6 केंद्र निर्धारित किए थे। पहले दिन 93 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई। कुल 1700 पंजीकृत विद्यार्थियों में से 1584 ने परीक्षा दी।विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार का पेपर पिछले साल की तुलना में अधिक कठिन और लंबा था, जिसके कारण विद्यार्थी पूरा पेपर हल नहीं कर पाए। एक्सपर्ट विजित जैन ने बताया, पेपर में तीन विषय फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स से कुल 75 प्रश्न (प्रत्येक विषय से 25) पूछे गए। प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक निर्धारित थे, जबकि गलत उत्तर पर निगेटिव मार्किंग लागू थी। विशेषज्ञों ने बताया कि मैथ्स का भाग हमेशा की तरह कठिन रहा, लेकिन इस बार फिजिक्स भी चुनौतीपूर्ण और लंबे प्रश्नों के कारण अधिक समय लेने वाला साबित हुआ। केमिस्ट्री का स्तर अपेक्षाकृत आसान था, लेकिन उसमें भी कुछ प्रश्न मिश्रित प्रकृति के थे। कठिनाई और समय सीमा के कारण विद्यार्थियों को 5-6 प्रश्न छोडऩे पड़े।
पूरे पेपर को नहीं कर सके कवरविद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्न हल करने में अधिक समय लगने के कारण वे पूरे पेपर को कवर नहीं कर सके। निगेटिव मार्किंग के डर से अधिकांश विद्यार्थियों ने अनुमान लगाने से बचते हुए केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दिया, जिनमें वे पूरी तरह आश्वस्त थे। पिछले साल के मुकाबले पेपर के कठिन और लंबा होने के कारण इस बार कटऑफ कम रहने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, कठिन प्रश्नों और समय सीमा के बीच संतुलन बनाने में विद्यार्थियों को संघर्ष करना पड़ा।