तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में इन दोनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड रही है। शनिवार-रविवार की भीड़ ने तो पर्वों को भी पीछे छोड़ दिया है। रविवार को भी 50 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। तीर्थनगरी में अव्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं सहित नगरवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रैंप से दर्शन व्यवस्था के दौरान भीड़ में श्रद्धालुओं के बीच आपसी विवाद भी हुए।
11 जुलाई से श्रावण प्रारंभ होगा
जिला प्रशासन, मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय नगर परिषद प्रशासन और पुलिस प्रशासन में तालमेल के अभाव में व्यवस्थाएं चौपट नजर आ रही है। प्रशासन भीड़ नियंत्रण और सुलभ दर्शन के लिए काम कर रहा है, किंतु अभी तक उसके कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। भीड़ बढऩे पर प्रशासन के दावे खोखले नजर आते हैं। श्रद्धालुओं को मंदिर दर्शन की लाइन हो या तीर्थ क्षेत्र में दूसरी जगह परेशान होते हुए आसानी से देखा जा सकता है । ऐसे में एक महीने बाद 11 जुलाई से आरंभ हो रहे श्रावण मास में क्या स्थिति होगी ये बड़ा सवाल है। धरातल पर अभी कुछ तैयारी नजर नहीं आ रही है। प्रशासन ने कोटि तीर्थ घाट के रैंप को भी आरंभ कराया, लेकिन यहां भी श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के चलते व्यवस्था नहीं बन पाई।