भीलवाड़ा। मंगरोप रोड पर पुलिस से मुठभेड़ का आरोपी कमलेश खाती गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई की तरह गैंग चलाना चाहता था। इसके लिए लाॅरेंस गैंग के इंस्टाग्राम व सोशल मीडिया पर वीडियो देखता था। शहर में दबदबा दिखाने को कई वारदात के साथ फायरिंग की। फायरिंग एवं राजकाज में बाधा के आरोप में गिरफ्तार कमलेश ने मंगलवार को कोतवाली में यह बात एंटी गैंगस्टर टीम के समक्ष कबूली।
कोतवाली पुलिस ने आरोपी कमलेश व राहुल सेन को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया। इस दौरान निरीक्षक सुरजीत ठोलिया, सुनील ताड़ा व राजपाल सिंह एवं हैड कांस्टेबल कालूराम धायल आदि ने कमलेश व राहुल से अलग-अलग पूछताछ की। पुलिस दोनों आरोपियों को मंगलवार को हरणी महादेव से नया समेलिया मार्ग रोड िस्थत घटनास्थल भी ले गई। यहां दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की बात कबूल की। पुलिस ने घटना का रीमेक किया। आरोपियों ने फरारी बेगूं क्षेत्र में काटी थी।
पूछताछ में पाया कि कमलेश का आपराधिक रिकाॅर्ड थानों में वर्ष 2018 से है। पहले शशि गवारिया व पवन मराठा से मारपीट व लूट आदि को अंजाम दिया था। इसके बाद हरिओम व राहुल सेन के साथ लेकर काम करने लगा। खुद की गैंग बनाने के लिए मांडलगढ़ क्षेत्र में हरिओम के साथ सक्रिय था। हरिओम के खिलाफ डोडा तस्करी का मामला दर्ज है।
अनुसंधान में सामने आया कि कमलेश लॉरेंस गिरोह की भांति काम करना चाहता था। इसलिए उसने कांग्रेस नेता पुष्पा सुराणा की जमीन को हथियाने के लिए घर में घुस कर तीन अन्य साथियों के साथ फायरिंग की।
पुलिसकर्मियों को मिलेगा इनाम
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्रसिंह यादव ने बताया कि कमलेश पर आठ केस हैं। जल्द उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों को अपराधियों पर घोषित इनाम के साथ आउट ऑफ टर्न अवार्ड भी मिले, यह प्रयास किए जाएंगे।