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मातृकुंडिया बांध से भी अब दौड़पड़ेगीमेजा बांध में हमारी खुशी

वस्त्रनगरी की जीवन रेखा मेजा बांध में लम्बे समय बाद खुशियां लौटी है। इस बार लड़की बांध के साथ मातृकुंडिया बांध भी हमारी खुखियों को पंख लगाने को तैयार है। चितौड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र के मातृकुंडिया बांध छलकने के कगार पर है। 22.50 फीट भराव क्षमता वाला बांध 19 फीट पार हो गया।

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भीलवाड़ा.वस्त्रनगरी की जीवन रेखा मेजा बांध में लम्बे समय बाद खुशियां लौटी है। इस बार लड़की बांध के साथ मातृकुंडिया बांध भी हमारी खुखियों को पंख लगाने को तैयार है। चितौड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र के मातृकुंडिया बांध छलकने के कगार पर है। 22.50 फीट भराव क्षमता वाला बांध 19 फीट पार हो गया। ऐसे में जल संसाधन विभाग ने मेजा फीडर की सार-संभाल करनी शुरू कर दी है। मेजा फीडर के जरिए ही मेजा बांध तक मातृकुंडिया से पानी पहुंचता है। मेजा बांध का गेज शुक्रवार शाम तक 20 फीट पार हो गया है। मेजा में लड़की बांध से तेजी से पानी की आवक बनी हुई है।

नंदसमंद ने जगाई आस

राजसमंद जिले के नंदसमंद बांध ने हमारी उम्मीदों को पर लगाए है। नंदसमंद बांध के छलकने से उसका पानी मातृकुंडिया पहुंच रहा है। बांध की भराव क्षमता 1188 एमसीएफटी है। कनिष्ठ अभियंता धीरज बेनीवाल ने बताया कि 213 एमसीएफटी हिन्दुस्तान जिंक, 50 एमसीएफटी रिवर रिजर्व, 170 एमसीएफटी रेलमगरा के लिए कुल 433 एमसीएफटी पानी रिजर्व रखने का प्रावधान है। उसके बाद शेष पानी मेजा फीडर में छोड़ा जाता है। 58 किलोमीटर का सफर तय करके मेजा फीडर का पानी साठ घंटे में मेजा बांध पहुंचता है। फीडर में पानी छोड़ने पर मेजा बांध का गेज और चढ़ेगा।

आठ साल में छह बार निभाई जिम्मेदारी

मातृकुंडिया बांध ने आठ साल में छह बार मेजा बांध को भरने में जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2016 , 2017 , 2019 , 2020 , 2022, 2023 में यहां से मेजा फीडर में पानी छोड़ा गया था।