
मैं भी तेरे संग चलुंगी, थाम मोरी वयैई, जरा ठहर जा कन्हैया…, मैया ने दरबार सजाया दर्शन तो कर लेने दे, मेनू नच लेन दे मेनू नच लेन दे…, कैसी मुरलिया बजाई रे, रसिया मन मोहना। मैं तो दौड़ी दौड़ी चली आई रे… जैसे भजनों पर महिलाएं जमकर झूमीं। अवसर था प्राचीन वि_ल मंदिर में चल रहे 144वें श्री नाम सप्ताह उत्सव पर आषाढ़ी एकादशी का।
आषाढ़ी एकादशी पर हुआ भगवान का आकर्षक शृंगार
रविवार को आषाढ़ी (देवशयनी) एकादशी पर भगवान विल का आकर्षक शृंगार मंदिर में किया गया। आषाढ़ी एकादशी पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दिनभर में हजारों भक्तों ने भगवान हरि विल के दर्शन किए। यहां विभिन्न भजन मंडलों द्वारा हिंदी, निमाड़ी, मराठी भजनों की प्रस्तुतियां लगातार चलते रही। भजनों पर महिलाएं नृत्य की प्रस्तुति भी दे रहीं हैं।
24 घंटे लगातार चल रहे भजन
मंदिर पुजारी राम आष्टेकर, श्याम आष्टेकर ने बताया कि श्री हरिभक्त भजन मंडल, वि_ल मंदिर भजन मंडल, भूमिजा महिला मंडल आनंद नगर सहित कई भजन मंडलियों द्वारा 24 घंटे सतत भजन किए जा रहे है। साथ ही बालक-बालिकाओं द्वारा राधा-कृष्ण-रुक्मीणि, शिव-पार्वती रूप में नृत्य की प्रस्तुतिया भी दी जा रही है। सुबह 4 बजे हो या रात 12 बजे भजन मंडलियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आ रही है। मंदिर में प्रतिदिन भगवान का नित्य नया शृंगार भी किया जा रहा है।