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Nagaur patrika…जलापूर्ति होने के बाद भी नलों तक नहीं पहुंच पा रहा पीने का पानी…VIDEO

नागौर. शहर के ताऊसर रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर एक एवं दो में पुरानी पाइपलाइन की जगह नई पाइपलाइन डाले जाने का तीन साल पहले भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक सहमति की मुहर नहीं लग सकी है। बताते हैं कि कॉलोनी के स्थापना अवधि के दौरान बिछी हुई पाइपलाइनों की पुरानी होने के […]

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नागौर. शहर के ताऊसर रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर एक एवं दो में पुरानी पाइपलाइन की जगह नई पाइपलाइन डाले जाने का तीन साल पहले भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक सहमति की मुहर नहीं लग सकी है। बताते हैं कि कॉलोनी के स्थापना अवधि के दौरान बिछी हुई पाइपलाइनों की पुरानी होने के कारण कई जगहों पर से क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी घरों में पहुंचने की जगह बह जाता है। जलदाय विभाग की ओर से पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत जलदाय विभाग की ओर से योजना बनाकर तकरीबन तीन करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव मंजूर हो गया होता, तो फिर जल संकट खत्म हो जाता।
आधा दर्जन से ज्यादा जगहों पर पेयजल लाइन टूटी
जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार योजना के प्रारूप में सेक्टर एक और दो के पूरे कॉलोनी एरिया को लिया गया था। सर्वे के दौरान इन क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर पाइपलाइन की स्थिति बेहद खराब मिली थी। इसमें सभी जगहों पर से पुरानी पाइपलाइन हटाकर नई लाइन बिछाई जानी थी। यहां लाइनों का जाल इस तरह बिछाया जाना था कि इन दोनों सेक्टर के सभी घरों तक पानी सुव्यवस्थित तरीके से आपूर्ति करने की व्यवस्था हो सके। इसके अलावा इंदास रोड पर भी जल संकट की स्थिति है। इसलिए इस एरिया की जलापूर्ति मुख्य लाइन बदलने का प्रस्ताव भी इसमें शामिल किया गया था।
टेंकर से मंगाना पड़ रहा है पानी
शहर के हाउसिंग बोर्ड के बाशिंदों में मनोज, शंकर, रामजीलाल से बातचीत हुई तो बताया कि पानी की समस्या पिछले कई सालो ंसे लगातार बनी हुई है। क्षेत्र में कई जगहों पर पेयजल लाइन के टूटे रहने की वजह से जलापूर्ति के दौरान ज्यादातर पानी तो बह जाता है। थोड़ी बहुत मात्रा में ही पानी आ पाता है। इसकी वजह से उन लोगों को टैंकर का सहारा लेना पड़ता है। प्रति टेंकर गर्मी में तो ज्यादा दर चुकानी पड़ती है, लेकिन सर्दी के के दौरान उनको प्रति टेंकर छह सौ से सात सौ रुपए चुकाने पड़ते हैं। सप्ताह में एक दिन उनको टेंकर मंगाना पड़ता है। टैंकर मंगाने वालों की संख्या में तकरीबन एक दर्जन से ज्यादा है। इस संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन भी दिया जा चुका है।
जनता बोली…
क्षेत्र में जल संकट तो हमेसा बना रहता है। पेयजल लाइन में कई जगहों पर लीकेज की वजह से पानी बह जाता है।
पप्पू, गृहणी
सर्दी हो या फिर गर्मी, हम लोगों को टेंकर से जल परिवहन कराना पड़ता है। नलों का कनेक्शन होने के बाद भी पूरा पानी नहीं मिल पाता है।
ज्ञान चौधरी, गृहणी
इनका कहना है…
पेयजल लाइन लीकेज की समस्या है तो इसको देखवा लेता हूं। इसके साथ ही पेयजल लाइन बिछाने के लिए भेजा गया था तो इसे नए सिरे से देखना पड़ेगा,तभी कुछ बता सकता हॅू।
रमेशचंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग नागौर