भीलवाड़ा। जिंदगी से जुड़ी किसी चीज को अब भूलना मुमकिन ही नहीं नामुमिकन होगा, क्यूंकि भीलवाड़ा के युवा इंजीनियर राकेश जैन (पाटनी) ने एक ऐसा इलेक्ट्रोनिक गैजेट याने डिवाइस तैयार किया है, जोकि घर व स्कूल से लेकर कॉलेज में मददगार के रूप में काम करेगा। जैन का दावा है कि यदि कोई व्यक्ति भूलना चाहेगा तो भी गैजेट उसे नहीं भूलने देगा
भीलवाड़ा के सुभाषनगर निवासी राकेश जैन वर्तमान में गीतांजलि इंजीनियरिंग कॉलेज, उदयपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन ब्रांच में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। पत्रिका को बताया कि उन्होंने एक ऐसा अनोखा गैजेट डिज़ाइन किया है, जिसमें कई सारे फीचर्स एक साथ जुड़े हैं। यह रोगी व्यक्तियों, संक्रामक रोगों से ग्रसित रोगियों, अल्जाइमर रोग से ग्रसित व्यक्तियों (जिन्हें अपनी याददाश्त, विचार, और दैनिक कार्यों को करने में समस्या होती है) के साथ ही कॉलेज के विद्यार्थियों और स्कूल के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
जैन का दावा है कि गैजेट के अंदर मुख्य कॉम्पोनेंट्स प्रोग्रामिंग के लिए आर्डयूनो यूनो , इंडिकेशन पैनल के लिए एलसीडी डिस्प्ले ,मोबाइल पर मैसेज करने के लिए या कॉल को करने के लिए या रिसीव करने के लिए जीएसएम माड्यूल , लोकेशन बताने के लिए जीपीएस माड्यूल है। यह एक मल्टी टास्किंग गैजेट है, जो कई काम एक साथ करने में सक्षम है।यह गैजेट वर्ष भर काम करेगा और इसे एक कैलेंडर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस गैजेट की रियल-टाइम क्लॉक सुविधा के कारण, यह एक कैलेंडर की तरह डिस्प्ले पैनल पर दिन, तारीख, समय और वर्ष को दिखाएगा, दिनभर सही समय दिखाता रहेगा और किसी भी काम को भूलने से बचाएगा।यह गैजेट इस प्रकार काम करेगा कि यदि कोई मरीज या वृद्ध व्यक्ति समय पर दवाई लेना भूल जाता है, तो यह गैजेट उसे स्वचालित रूप से याद दिलाएगा।
यूं समझिए गजट की विशेषता…
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति को दोपहर 2 बजे दवा लेनी है, तो ठीक 2 बजे डिवाइस याने गजट का अलार्म बजेगा और डिस्प्ले पर दवाई का नाम और उसकी मात्रा (जैसे एक टेबलेट या सिरप की चम्मच) दिखाई देगी। इस प्रकार, मरीज समय पर दवाई ले सकेगा और भूलने से बच जाएगा।
यदि मरीज ने स्विच को दबाकर अलार्म बंद नहीं किया, तो अलार्म फिर से 3 सेकंड बाद बजेगा और डिस्प्ले पर दवाई का नाम और मात्रा फिर से दिखाई देगी। अगर मरीज अब भी दवाई नहीं लेता, तो गैजेट में लगी एलईडी लाइट जल उठेगी और इसके साथ ही, गैजेट में लगे जीएसएम माड्यूल के माध्यम से मरीज के परिचितों (जैसे माता-पिता या देखभाल करने वाले) को मोबाइल पर एक संदेश भेजा जाएगा कि मरीज ने दवाई नहीं ली है, ताकि वे उसे फोन करके सूचित कर सकें और उसे दवाई लेने के लिए प्रेरित कर सकें।
लोकेशन सेटेलाइट से ट्रैक
इसके अतिरिक्त, इस प्रोजेक्ट में लगा जीपीएस माड्यूल गैजेट की लोकेशन सेटेलाइट से ट्रैक कर सकता है। यदि मरीज को किसी प्रकार की मदद की आवश्यकता है, तो गैजेट की वास्तविक लोकेशन उसके परिचितों के मोबाइल पर भेजी जा सकती है, ताकि वे सही समय पर सहायता प्रदान कर सकें।
छात्रों का भी मददगार
उदाहरण स्वरूप, यह छात्रों को बताएगा कि उन्हें किस समय कौन सा विषय पढ़ना है, कब होमवर्क करना है, कब खेलना है, और कब सोना है।यदि कभी छात्र अलार्म बंद नहीं करते, तो उसके बाद उनके माता-पिता को मोबाइल पर एक संदेश भेजा जाएगा, ताकि वे अपने बच्चों को सही समय पर कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकें।
हमेशा मिलती रही प्ररेणाराकेश जैन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा स्वरूप चंद पाटनी, दादी लीलादेवी पाटनी, पिता अनिल कुमार जैन और मां गुणमाला देवी जैन को दिया है, जो उन्हें हमेशा नवाचार करने के लिए प्रेरित करते हैं।