भीलवाड़ा। बदलते जमाने के साथ होली की पिचकारियों की डिजाइन और रंग भी बदलने लगा है। बच्चों को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह की पिचकारियां लुभा रही है। शहर में शीतला सप्तमी पर रंग कहीं अधिक जमता है, लेकिन टेक्स्टाइल सिटी भीलवाड़ा में होली पर भी कम धमाल नहीं होती।
यही कारण है कि शहर के प्रमुख बाजार रंग व गुलाल के साथ आकर्षक पिचकारियों से सज गए है। बाजार में इस बार इलेक्ट्रिक गन सहित मैजिक ग्लास, कलर स्मॉग, टू इन वन पिचकारी, स्पाइडरमैन गन, एयर प्रेशर टैंक पिचकारी, बबल गन, बलून लांचर, मिक्की माउस पिचकारी, इलेक्ट्रिक टैंक, गुलाल स्प्रे, फनी फॉम स्प्रे, कलर गन, हर्बल गुलाल और रंग सहित कई वैरायटियां उपलब्ध है।
व्यापारी निर्मल-जयकुमार अग्रवाल बताते है कि बाजार में होली पर महंगाई का असर नहीं रहेगा। कीमत यथावत है, लेकिन क्वालिटी कई प्रकार की आई है। इनमें ब्रांडेड भी है। पिचकारी पांच रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक में उपलब्ध है। बाजार में पारंपरिक प्रेशर वाली पिचकारियों के संग इलेक्ट्रॉनिक पिचकारी भी पहुंची हैं। यह गन जैसी होती है। यह पानी को प्रेशर से दूर तक फेंकती है।
आर्यन जैन व कमलेश जेठानी बताते है कि गैस सिलेंडर के आकार की पिचकारियां भी खास है। इनकी कीमत 200 से तीन हजार रुपए तक है। यह पिचकारी रिचार्जेबल बैटरी से चलती हैं। इसमें स्पीड कंट्रोल भी दिया है। कई कंपनियों ने हर्बल गुलाल में कई वैरायटियां लॉन्च की हैं।
व्यापारियों ने गुलाल, रंग, पिचकारी का स्टॉक दिल्ली, अहमदाबाद, इंदौर, भोपाल, लखनऊ, कानपुर, कोलकाता, पटना सहित कई शहरों से मंगवाया है। होली पर अरारोट के रंग और गुलाल की मांग ज्यादा है। यह रंग हल्के और प्राकृतिक होने से त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते। यह रंग पानी में आसानी से घुल जाते हैं। सफाई में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती है। गुलाबी, पीला, नीला, हरा और लाल रंग उपलब्ध हैं।