
भीलवाड़ा। जीवन में लक्ष्य तय कर आगे बढ़ना चाहिए। इन्हें पूरा करने में कसर नहीं छोड़नी चाहिए। इरादे मजबूत हो तो मंजिल तय की जा सकती है।
शास्त्रीनगर निवासी सीए कृष पगारिया ने राजस्थान पत्रिका को बताया कि इसी मूल मंत्र के सहारे उन्होंने विकट परििस्थतियों से जूझते हुए सीए बनने तक का कठिन सफर तय किया। उसकी यात्रा और सफलता की कहानी साझा करने के लिए जोश टॉक्स जैसे मंच ने मौका दिया।
कृष पगारिया ने बताया कि प्रथम प्रयास में महज 21 साल की उम्र में सीए फाइनल परीक्षा पास की। कृष ने सफलता का पूरा श्रेय मां प्रीति पगारिया को दिया।