16 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

समाचार
VIDEO: विवाद के बाद स्कूलों के लिए तमिलनाडु सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए
Play video

VIDEO: विवाद के बाद स्कूलों के लिए तमिलनाडु सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए

विवाद के बाद स्कूलों के लिए तमिलनाडु सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए

Google source verification

चेन्नई. चेन्नर्ई के एक स्कूल में स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु महाविष्णु की गिरफ्तारी से जुड़े हालिया विवाद के मद्देनजर तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यभर के सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के लिए सख्त दिशा-निर्देशों के साथ एक परिपत्र जारी किया है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जारी परिपत्र में शिक्षकों को दोपहर के भोजन के समय स्कूल परिसर से बाहर जाने पर रोक लगाई गई है और गैर-सरकारी संगठनों, पूर्व छात्रों और राजनेताओं सहित बाहरी लोगों को छात्रों से बातचीत करने से प्रतिबंधित किया गया है। सभी गैर-शैक्षणिक कार्यक्रमों और समारोहों के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी से पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है।

सरकारी स्कूलों के लिए कड़े दिशा-निर्देश
परिपत्र के अनुसार, केवल अधिकृत चिकित्सा दल, जैसे कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य निदेशालय से ही छात्रों की स्वास्थ्य जांच कर सकते हैं। छात्र मुख्य शिक्षा अधिकारी की अनुमति के बिना प्रतियोगिताओं सहित बाहरी कार्यक्रमों में भाग नहीं ले सकते। यदि प्रधानाध्यापक गैर-सरकारी कर्मियों को छात्रों को पढ़ाने या उनके साथ नकारात्मक बातचीत करने की अनुमति देते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिपत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शिक्षकों को छात्रों के व्यक्तिगत मामलों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए या बातचीत के दौरान दोहरे अर्थ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह दिशा-निर्देश स्वयंभू आध्यात्मिक-सह-प्रेरक वक्ता महाविष्णु द्वारा चेन्नई के एक स्कूल में दिए गए अपने व्याख्यान से विवाद खड़ा करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि छात्रों के संघर्ष उनके पिछले जन्म के कर्मों के कारण हैं।