उत्तरायण पर्व के दौरान 20 जनवरी तक पतंग की डोर से घायल पक्षियों को बचाने और उनकी चिकित्सा करने को राज्यव्यापी करुणा अभियान जारी है। इस वर्ष 600 से अधिक पशु चिकित्सक, 8 हजार स्वयंसेवक जुटे हैं। राज्यभर में 1,000 से अधिक उपचार केंद्र बनाए हैं। पिछले 8 वर्षों में इस अभियान के तहत 97,200 से अधिक पशु-पक्षियों को बचाया गया है।
अभियान के मद्देनजर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को अहमदाबाद के बोडकदेव इलाके में कार्यरत वाइल्ड लाइफ केयर सेंटर का दौरा किया।
मुख्यमंत्री सेंटर के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया और वन्यजीव फोटोग्राफी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
स्नेक रेस्क्यू एप की शुरू
मुख्यमंत्री ने सोमवार को ‘स्नेक रेस्क्यू एप’ शुरू की है। वन विभाग की ओर से तैयार ‘करुणाअभियान’ पुस्तक का विमोचन भी किया। ‘करुणा अभियान-2025 सिग्नेचर’ कैंपेन में भी भाग लिया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ द फोरेस्ट फोर्स डॉ. ए.पी. सिंह ने कहा कि करुणा अभियान से अब तक हजारों घायल पक्षियों को बचाया गया है।
वॉट्सएप पर मैसेज करते ही उपचार केन्द्रों की सूची
राज्यभर में पशुपालन और वन विभाग ने 8320002000 पर व्हाट्सएप हेल्पलाइन और 1926 हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन नंबरों पर Hi लिखकर भेजने से जिलावार पक्षी उपचार केंद्रों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पशुपालन विभाग ने 1962 नंबर भी सक्रिय किया है।