
पाली/तखतगढ़। ईमानदारी जिंदा है कि कहावत तखतगढ़ कस्बा निवासी एक छात्र पर सटीक बैठी है। मामला यह है कि तखतगढ़ डाक घर में सेवारत गणेशराम रेणुआ का पुत्र जितेन्द्र रेणुआ कक्षा 10 में अध्ययन कर रहा है जो 11वीं कक्षा में प्रवेश पाने के लिए जयपुर गए थे। 26 मई को जयपुर से वापस तखतगढ़ लौटते समय जयपुर-जालोर रोड़वेज बस स्टेण्ड पर उतरते समय छात्र जितेन्द्र को बस में एक थैली में चेक बुक व 5700 रूपएं नकद मिले। जिसमें से तीन चेक पर सोहन कंवर नाम के हस्ताक्षर भी थे। छात्र ने यह जानकारी अपने पिता को दी। छात्र के पिता गणेशराम ने चेक के हस्ताक्षर से पता करवाया तो तहकीकात में सोहन कंवर के पति अध्यापक श्यामसिंह जैतावत के नाम की जानकारी सामने आई। जानकारी करने पर पता चला की अध्यापक का ससुराल तखतगढ़ कस्बे के समीप मोरूआ में है वे ससुराल जा रहे थे तभी अचानक बस में चेक व 5700 रूपएं गिर गए। पूरी जांच पड़ताल के बाद शनिवार को पुलिस थाने से उप निरीक्षक व प्रभारी सुरेश सारण के हाथों से नकद राशि व चेक श्यामसिंह जैतावत को सुपुर्द किया गया। इस दौरान उप डाकपाल शंकरसिंह मौजुद रहे।