पन्ना. शहर के मोहन निवासी निवासी सुभम यादव (१८) को बीती रात गंभीर हालत में जिला अस्पताल से रीवा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। रास्ते में युवक की मौत होने के बाद परिजनों ने आक्सीजन सिलेंडर खाली होने के आरोप लगते हुए सुबह अस्पताल तिराहा पर और बाद में सतना-बमीठा नेशनल हाइे-३९ पर जाम लगा दिया। मामले की जांच के लिए कलेक्ट ने जिपं सीईओ के नेतृत्व में तीन सदस्यी जांच समिति गठित की है।
मेाहन निवास निवासी सुभाष यादव ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिसे परिजन गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर आए थे। जिसे प्राथमिक उपचार के बाद रीवा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया था। जिला मुख्यालय से निकलते ही सकरिया के पास युवक की मौत हो जाने से परिजन भडक़ उठे और बिना चेक किए खाली आक्सीजन सिलेंडर दिए जाने के आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सुबह करीब ९ बजे अस्पताल तिराहा में आक्सीजन सिलेंडर रखकर नारेबाजी और हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर मृतक का शव लेने से ही इंकार कर दिया।
दो घंटे तक जाम रहा एनएच
इसके बाद एनएच में डायमंड चौराहा में सुबह करीब ११ बजे जाम लगा दिया है। इससे मार्ग में दोनों ओर सैकड़ों की संख्या में वाहन जाम में फंसे रहे। मामले की जानकारी लगते ही एडिशनल एसपी आरती सिंह, एसडीएम सत्यनारायण दर्रों, तहसीलदार, टीआई सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश दी। सुबह ११ बजे से दोपहर करीब एक बजे तक एनएच में जाम लगा रहा। बाद में सिलेंडर के सीज होने और जांच टीम गठित होने के बाद ही आंदोलनकारी माने और दोपहर करीब एक बजे जाम खोल दिया।
इलाज के दस्तावेज और सिलेंडर जब्त
मामले में कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में तीन सदस्यी जांच दल गठित किया है। एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट दर्ज के लिए कहा गया है। आंदोलनकारियों की मांग पर स्थानीय प्रशासन ने सिलेंडर जब्त कर लिया है। उसकी तौल कर सील करने के बाद युवक के इलाज से संबंधित दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए हैं। जांच अधिकारी सीईओ ने जिला अस्पताल में युवक के इलाज से संबंधित दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं। सीईओ ने आम पब्लिक से अपील की है कि यदि मामले में कोई व्यक्ति अपने बयान देना चाहते हैं तो वे नौ मार्च की दोपहर दो बजे जिला पंचायत में साक्ष्य के साथ उपस्थित हों।
इन विंदुओं पर होगी जांच
कलेक्टर द्वारा बनाई गई जांच टीम में जिला पंचायत सीईओ संघ प्रिय के अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ. वीएस उपाध्याय और एसडीएम सत्यनारायण दर्रों को शामिल किया गया है। जांच के लिए जिन पांच विंदुओं को तय किया गया है उनमें मरीजजब जिला अस्पताल में भर्ती हुआ तो उसकी हालत कैसी थी, ऐसे क्या कारण थे जिसके कारण मरीज को रीवा रेफर किया गया, मरीज को रेफर किए जाने के लिए सरकारी व १०८ एम्बूलेंस वाहन क्यों उपलब्ध नहीं हो सका, मरीज को जो आक्सीजन सिलेंडर दिया गया उसमें कितनी आक्सीजन थी, एवं कहा तक लेकर जाने हेतु आक्सीजन थी, क्या सिलेंडर में मरीज को रीवा तक लेकर जाने के लिए पर्याप्त आक्सीजन थी। इसके अलावा अन्य कोई महत्वपूर्ण विंदु भी शामिल किया जा सकता है जो महत्वपूर्ण लगे। जांच टीम को एक सप्ताह का समय दिया गया है।
हमने जांच शुरू कर दी है। सिलेंडर और इलाज से संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। मृतक के परिजन व आमजन जो भी अपने बयान दर्ज कराना चाहते हैं वे साक्ष्य के साथ नौ मार्च को जिला पंचायत में उपस्थित होकर दर्ज करा सकते हैं।
संघ प्रिय, जांच अधिकारी व जिपं सीईओ
परिजनों के आरोप निराधार हैं। जांच टीम गठित कर दी गई है। २४ घंटे में पता चल जाएगा।
डॉ. वीएस उपाध्याय, सीएमएचओ