केएस ईश्वरप्पा ने कहा
हुब्बल्ली. पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि भला कौन सी महिला अपने मायके जाने से इंकार करेगी? भाजपा में लौटने के लिए मैं क्यों मना करूंगा? मायके में कुछ भाइयों ने बुरी स्थिति पैदा कर दी है और जल्द ही सबकुछ ठीक होगा और वे वापस भाजपा में लौटेंगे।
शहर में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईश्वरप्पा ने कहा कि पार्टी बीएस येडियूरप्पा परिवार के हाथ में फंसी हुई है। हमें भरोसा है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पद छह महीने से खाली था, येडियूरप्पा ने किसी तरह से अपने विधायक बेटे को प्रदेश अध्यक्ष का पद दिलवाया, यह ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी परिवार के नियंत्रण में नहीं रहने की प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा के उलट कर्नाटक में भाजपा की हालत है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि येडियूरप्पा परिवार ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है। खुद उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने खुलेआम कहा है कि विजयेंद्र हमारी भीख से जीते हैं, येडियूरप्पा ने बीजेपी को और डीके शिवकुमार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धोखा दिया है।
ईश्वरप्पा ने कहा कि मुडा घोटाले में मुख्यमंत्री के खिलाफ क्या फैसला आएगा, मुझे नहीं पता। अगर विपरीत फैसला आता है तो मुख्यमंत्री को केजरीवाल की तरह पाखंड न दिखाते हुए सम्मानपूर्वक इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस के पास सीएम पद के दावेदारों की बड़ी सूची है। जो नेता खुले तौर पर सीएम का समर्थन करते हैं वे भी खुद को सीएम पद के लिए तैयार हैं कह रहे हैं।
हिंदू विरोधी सरकार
उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि नागमंगल में गणेश मूर्ति जुलूस पर पथराव और पेट्रोल बम फेंकने के बाद भी गृह मंत्री ने उदासीनता दिखाते हुए कहा है कि यह एक छोटी घटना है। दंगा करने वाले गुंडों को छोडक़र निर्दोष हिंदुओं को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसे देखने पर इसे हिन्दू विरोधी सरकार नहीं कहें तो और क्या कहें।
ईश्वरप्पा ने कहा कि गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए जुलूस न निकालने, मस्जिद के सामने जाते समय ढोल-बाजे न बजाने का क्या कोई कानून है? राज्य सरकार को तुष्टीकरण की राजनीति करना छोडक़र पथराव करने वाले देशद्रोही मानसिकता वाले गुंडों को तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं को कमजोर समझा गया तो उन्हें अलग तरह का परिणाम भुगतने होंगे। सीएम, डीसीएम और गृह मंत्री ने पथराव करने वाले गुंडों की निंदा तक नहीं की है।