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एपस्टीन फाइल्स की वजह से… ईरान-इजरायल युद्ध पर संजय राउत का बड़ा दावा, PM मोदी को घेरा

संजय राउत ने का दावा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के पीछे का कारण एपस्टीन फाइल्स से ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकती है। ताकि इस मुद्दे को दुनिया भूल जाए।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Mar 04, 2026

Sanjay Raut on PM Modi Iran Israel War

संजय राउत ने पीएम मोदी पर किया कटाक्ष (Patrika Photo)

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने भारत की विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के शीर्ष नेता की हत्या या मृत्यु होने पर शोक व्यक्त करना एक सामान्य कूटनीतिक शिष्टाचार होता है, लेकिन अगर इसे भी नजरअंदाज किया जाए तो यह विदेश नीति की कमजोरी को दर्शाता है।

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा कि अगर ऐसे मामलों में संवेदना व्यक्त नहीं की जाती, तो यह स्थिति बताती है कि हमारी विदेश नीति मिट्टी में मिल चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, जॉर्डन के राजा और सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन आदि खाड़ी देशों के नेताओं से तो बात करते हैं, लेकिन जिस देश पर सबसे बड़ा संकट आया है, उनके सर्वोच्च नेता की मृत्यु पर शोक संवेदना तक व्यक्त नहीं करते है।

‘दुश्मन देश में भी शोक जताना कूटनीतिक परंपरा’

संजय राउत ने कहा कि जब किसी देश के प्रमुख नेता की हत्या या मृत्यु होती है, तो उस देश के साथ संबंध चाहे जैसे भी हों, शोक व्यक्त करना कूटनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अतीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति की हत्या या मृत्यु होने पर भी भारत के प्रधानमंत्रियों ने दुख व्यक्त किया था, जबकि पाकिस्तान भारत का दुश्मन देश माना जाता है।

राउत के अनुसार, प्रधानमंत्री कई देशों के नेताओं से बातचीत करते हैं, लेकिन जिस देश पर बड़ा संकट आया है और जहां हमला हुआ है, वहां के शीर्ष नेता की मौत पर शोक व्यक्त करना भी जरूरी नहीं समझते है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यह एक स्थापित परंपरा और शिष्टाचार है। यह भारत के राजनयिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है।

एपस्टीन फाइल्स पर किया बड़ा दावा

इस दौरान संजय राउत ने एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) को लेकर भी सनसनीखेज दावा किया। हाल ही में वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने पीएम मोदी को लेकर चेतावनी दी थी कि वे अप्रैल तक दो अहम फाइलें जनता के सामने लाएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि प्रकाश अंबेडकर, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के पोते हैं और उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन काफी गहरे हो सकते हैं। राउत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण का उदाहरण देते हुए कहा कि चव्हाण ने ही सबसे पहले देश को एपस्टीन फाइल्स के बारे में बताया था, तब तक इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। राउत के मुताबिक, इन फाइल्स में कुछ ऐसे नाम सामने आ सकते हैं जो सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।

एपस्टीन फाइल्स से ध्यान हटाने के लिए युद्ध?

संजय राउत ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने में जो जल्दबाजी दिखाई है, उसका उद्देश्य एपस्टीन फाइल्स पर हो रही चर्चाओं को दबाना है।

राउत ने आरोप लगाया कि इन फाइल्स में बेहद गंभीर और चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ राष्ट्रप्रमुखों ने मिलकर युद्ध का माहौल इसलिए बनाया है ताकि दुनिया का ध्यान एपस्टीन फाइल्स से हटकर युद्ध की ओर चला जाए और लोग उन संवेदनशील दस्तावेजों को भूल जाएं। हालांकि, शिवसेना (उद्धव गुट) नेता के इन दावों को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।