प्रतापगढ़. जिले में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की ओर से इस वर्ष प्रतापगढ़ जिले का भी चयन किया गया है। इसके तहत किसानों को प्रशिक्षण देेने के साथ मधुमक्खियों के बॉक्स, किट, मधुमक्खियों की कॉलोनी आदि दिए जाएंगे। इससे मधुमक्खी पालन को बढ़ाया मिलेगा। गौरतलब है कि प्रतापगढ़ जिले का वातावरण मधुमक्खी पालन के लिए काफी उपयुक्त है। लेकिन यहां मधुमक्खी पालन को लेकर जागरूकता नहीं है। इसे देखते हुए सरकार की ओर से प्रदेश में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहन देने के लिए नेशनल बी किङ्क्षपग एंड हनी मिशन(एनबीएचएम) के तहत गतिविधियां और कार्यक्रमों की स्वीकृति दी है। इसमें किसानों को अनुदान, किट एवं प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिए 25.67 करोड़ रुपए स्वीकृत किए है। इसमें प्रतापगढ़ जिले को भी शामिल किया गया। जिसमें प्रथम चरण में १० लाख रुपए की स्वीकृति प्रतापगढ़ जिले के लिए की गई है। जिसमें मधुमक्खी पालन के लिए किसानों का चयन किया जाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए मधुमक्खी बॉक्स एवं 50 मधुमक्खी कॉलोनी के लिए अनुदान दिया जाएगा। साथ ही प्रति किसान एक बी किङ्क्षपग किट के लिए अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
किसानों के लिए वरदान
मधुमक्खी पालन भूमिहीन किसानों के लिए वरदान है। जिले के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक शैलेन्द्र पाटीदार ने बताया कि इससे शहद के अलावा अन्य उत्पाद भी रॉयल जेली, बी.वेनम, मोम, परपोली व अन्य भी प्राप्त कर सकते हैं। जिससे काफी अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है। खेती की सहायक गतिविधियों में मधुमक्खी पालन का महत्वपूर्ण स्थान है। मधुमक्खी पालन से जहां किसान अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं इससे फसलों की पैदावार में भी वृद्धि होती है।
किसानों को मिलेगी चार सौ मधुमक्खी कॉलोनी
योजना के तहत जिले में किसानों का चयन किया जा रहा है। जिला उद्यान कार्यालय द्वारा नेशनल बी.कीङ्क्षपग एंड हनी मिशन योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन के लिए किसानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही चार सौ मधुमक्खी कॉलोनी भी दी जाएगी। बी कीङ्क्षपग किट भी किसानों को दिए जाएंगे। प्रशिक्षण के बाद उन्हें प्रमाण पत्र मिलेगा। जिससे वे विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
जिले में मिलेगा किसानों को लाभ
इस वर्ष से जिले को भी मधुमक्खी पालन के लिए चयन किया गया है। इसके तहत विभाग की ओर से किसानों से आवेदन मांगे गए है। जो पोर्टल पर ऑनलाइन कराए गए है। अब तक ६ किसानों ने आवेदन किया है। इन किसानों को अब प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। मधुमक्खी पालन से किसानों को अच्छी आमदनी होती है। मधुमक्खी पालन के महत्व को देखते हुए सरकार द्वारा किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान के साथ ही प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
रामपाल खटीक, उप निदेशक, उद्यान विभाग, प्रतापगढ़