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कचोटिया जीएसएस पर ठेकाकर्मी की करंट लगने से मौत, सुबह से दोपहर तक चला हंगामा
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कचोटिया जीएसएस पर ठेकाकर्मी की करंट लगने से मौत, सुबह से दोपहर तक चला हंगामा

जिले के सुहागपुरा थाना अंतर्गत कचोटिया जीएसएस पर कार्यरत एक ठेकाकर्मी की शनिवार सुबह करंट लगने से मौत हो गई। ठेकाकर्मी यहां जीएसएस पर स्वीच बदलने गया था, इसी दौरान यह हादसा हो गया।

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प्रतापगढ़. जिले के सुहागपुरा थाना अंतर्गत कचोटिया जीएसएस पर कार्यरत एक ठेकाकर्मी की शनिवार सुबह करंट लगने से मौत हो गई। ठेकाकर्मी यहां जीएसएस पर स्वीच बदलने गया था, इसी दौरान यह हादसा हो गया। अन्य कर्मचारियों के पहुंचने के बाद घटना का पता चला। घटना की सूचना मिलने परपरिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जहां मुआवजे की मांग को लेकर एनएच 56 पर तीन बार जाम लगाया। वहीं बात नहीं बनने पर दोपहर को शव लाए और एनएच 56 पर रखकर जाम लगाया। इस पर एएसपी बनवारीलाल मीणा, तहसीलदार संदीप मेघवाल व विद्युत निगम उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां काफी समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया। पीडि़त परिवार को ठेकदार की ओर से मुआवजा दिलाया। वहीं सरकार की ओर सहायता शीघ्र ही दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम को जिला चिकित्सालय में शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपा।

पुलिस ने बताया कि पाडलिया निवासी देवीलाल(50) मीणा विद्युत निगम के ठेकेदार के अधीन यहां कचोटिया जीएसएस पर कार्य करता था। वह शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे जीएसएस पर कार्य कर रहा था। वह यहां स्विच बदलने गया था, इसी दौरान करंट की चपेट में आ गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अन्य कर्मचारियों के जीएसएस पर पहुंचने पर घटना का पता चला। सूचना मिलने पर सुहागपुरा थाना पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहीं परिजन भी पहुंच गए। मामले को देखते हुए परिजन उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए और मौके से शव उठाने के लिए मना कर दिया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए और मृतक को मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए। वहीं ग्रामीणों ने यहां एनएच 56 पर जाम लगाया। इसके साथ ही पुलिस ने उन्हें समझाइश कर जाम खुलवाया। इस प्रकार ग्रामीणों ने तीन बार जाम लगाया। मामले को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां समझाइश का प्रयास किया गया। इस बीच दोपहर तक कोई बात नहीं बनी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को एनएच 56 पर रखकर जाम लगाया। स्थिति को देखते हुए कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक बनवारीलाल मीणा, तहसीलदार संदीप मेघवाल व विद्युत निगम उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां समझाइश की गई। इस दौरान पीडि़त परिवार को ठेकेदार की ओर से सहायता राशि, मृतक के पुत्र को ठेकेदार के यहां कर्मचारी के रूप में रखना और सरकार की ओर से सहायता राशि दिलाने पर सहमति बनी। इसके बाद यहां से शव को हटाया गया। वहीं जिला चिकित्सालय मोर्चरी में शव को ले जाया गया। जहां पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपा गया।
पांच घंटे तक चार बार लगाया जाम, चला समझाइश का दौर
यहां दुर्घटना के बाद सुबह साढ़े आठ बजे सेे दोपहर करीब दो बजे तक हंगामा हुआ। यहां सुबह मौत के बाद परिजन और ग्रामीण पहुंचे। जहां सुहागपुरा पुलिस की ओर से समझाइश की गई। लेकिन कोई बात नहीं बनी। इस पर ग्रामीणों और परिजनों ने रोड पर जाम लगाया। करीब 15 मिनट के बाद पुलिस की ओर से जाम हटाया गया। वहीं तहसीलदार भी पहुंचे। लेकिन ग्रामीण नहीं माने और फिर से रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद फिर से जाम लगाया। दोपहर करीब एक बजे शव को एनएच 56 पर र,खकर जाम लगा दिया। इससे कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक बनवारीलाल मीणा व विद्युत निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां समझाइश के बाद सहमति बनी और जाम खोला गया।

एनएच पर लगी वाहनों की कतारें
यहां सुबह से दोपहर तक चार बार प्रदर्शन करने से आवागमन बाधित हो गया। यहां पर वाहनों की कतारें लग गई। वहां दोपहर को करीब आधे घंटे तक रोड जाम रहा। जिससे यहां कई वाहनों की दोनों तरफ कतारें लग गई। यहां तीन बार करीब 15-15 मिनट तक जाम रहा। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।