चूपना. राजस्थान से एमपी को जोडऩे वाले चूपना से भावगढ़ रोड की हालत कई वर्षों से खराब है। जबकि यहां मरम्मत भी की जाती है। जो मात्र औपचारिकता बनकर रह जाती है। ऐसे में यहां हालत काफी खराब हो गई है। आए दिन यहां वाहन चालक गिरकर चोटिल हो जाते है। ऐसे में ग्रामीणों में रोष है। यहां चूपना से भावगढ़ रोड वाया टाण्डा रोड की हालत काफी खराब हो गई है। इस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है। जबकि अन्तरराज्यीय रोड है। जो प्रतापगढ़-पीपलोदा रोड को मध्यप्रदेश के गांव भावगढ़ को जोड़ता है। यह रोड काफी व्यस्त है। हालात यह है कि इस रोड पर पुलियाएं भी टूट गई है। निकटवर्ती गांव टाण्डा के ग्रामीण रघुवीरङ्क्षसह, लोकेन्द्रङ्क्षसह, राजेन्द्रङ्क्षसह, भंवर कुमावत, महावीर, दिनेश, नानालाल, भगत आदि ने बताया कि आए दिन बाईक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गत वर्ष भी यहां मरम्मत की गई थी। जो मिट्टी से भरी गई। इसके बाद काफी कम जगह पर ऑयल डाला गया। जो इस बारिश में वापस खराब हो गया है। इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने रोड की मरम्मत नहीं कराने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने बताया कि कई स्थानों पर गड्ढों में सडक़ ढूंढनी पड़ रही है।
फरेड़ी पुलिया टूटी
निकटवर्ती गांव फरेडी की पुलिया हाल ही में हुई तेज बारिश में टूट गई है। ऐसे में ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। जबकि यहां से चारपहिया वाहनों का आवागमन तो बंद हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पहले भी छोटी पुलिया होने कारण कम बरसात में पानी होने से ग्रामीणों का आवागमन बन्द हो जाता था। अमरुलाल डांगी, नारायणलाल डांगी, नारायणङ्क्षसह, लक्ष्मण डांगी, झमकलाल डांगी, कमलेश डांगी आदि ने बताया कि पुलिया के पारस कई किसानों के खेत, कुएं है। ऐेसे में रोजाना जाना पड़ता है। लेकिन यहां पुलिया टूटने से काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में अब ग्रामीणों को कच्चे मार्ग पर कीचड़ में होकर ङ्क्षसगपुरीया माताजी होते हुए करीब चार किलोमीटर चलकर प्रतापगढ़-पिपलोदा पर आना पड़ता है। अपने कुएं पर जाना पड़ता है।
रठांजना थाने में शांति समिति की बैठक
रठांजना. यहां थाने में आगामी त्योहार को लेकर थाना अधिकारी देवीलाल खटीक ने शांति समिति की बैठक ली। जिसमें त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए चर्चा की।
उन्होंने आगामी पर्व शांति पूर्ण माहौल में संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं सभी लोगों से अपील की कि पर्व को शांति पूर्ण और खुशीपूर्वक मनाएं। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की अफवाह से दूर रहें। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भडक़ाऊ अथवा धर्म विशेष के खिलाफ टिप्पणी नहीं करें। बैठक में शामिल लोगों ने अपने अपने विचार रखें तथा आगामी पर्व को शांतिपूर्ण और सद्भाव माहौल में मनाने का संकल्प लिया।