
इलाहाबाद. हाईकोर्ट इलाहाबाद ने अपराध की प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने की मांग को लेकर सीजेएम जौनपुर की अदालत में दाखिल अर्जी चूहों द्वारा नष्ट कर देने पर दो मई को सीजेएम से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा है कि अर्जी चूहों द्वारा कुतरने के बाद सीजेएम ने फाइल बनवाने के बजाए नये सिरे से अर्जी दाखिल करने का निर्देश किस कारण से दिया। और उनके कार्यालय में केस फाइल इस तरह से कैसे रखी कि चूहों ने नुकसान पहुंचायी।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे.मुनीर ने सैयद सिराज हैदर की याचिका पर दिया है। याची का कहना था कि 9 जनवरी 18 को उसने सीजेएम की अदालत में धारा 156 (3) द.प्र.सं. के अन्तर्गत अर्ज दाखिल की और मांग की थी कि अर्जी में नामित अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करायी जाए। इस अर्जी पर कोई आदेश नहीं हुआ और 22 फरवरी 18 को दूसरे आरोपी पक्षों की अर्जी पर कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश जारी कर दिया।
जब याची ने कोर्ट में अपनी अर्जी की जानकारी मांगी तो बताया गया कि फाइल चूहे काट डाले हैं। पढ़ने लायक फाइल नहीं रह गयी है। कोर्ट ने आदेश देने से इंकार करते हुए नयी अर्जी दाखिल करने को कहा है। इस पर कोर्ट ने सीजेएम जौनपुर से स्पष्टीकरण पेश करने को कहा हैं और रजिस्ट्रार जनरल को आदेश की प्रति 24 घंटे के भीतर सीजेएम को मुहैया कराने को कहा है। याचिका पर कोर्ट दो मई 18 को सुनवाई करेगी।
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