1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

प्रयागराज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दाखिल रिवीजन को हाईकोर्ट ने किया खारिज
Play video

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दाखिल रिवीजन को हाईकोर्ट ने किया खारिज

न्यायालय ने कहा कि याची यदि चाहे तो निचली अदालत में निगरानी दाखिल कर सकता है।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

प्रयागराज

•

image

Akhilesh Kumar Tripathi

•

Updated: 3 Aug 2018, 8:26 PM IST

इलाहाबाद. ‎इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अपराधिक मुकदमा चलाये जाने को लेकर दाखिल निगरानी (रिवीजन) को शुक्रवार को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि याची यदि चाहे तो निचली अदालत में निगरानी दाखिल कर सकता है।

मालूम हो कि इसी घटना को लेकर योगी आदित्यनाथ द्वारा दर्ज करायी गयी क्रॉस एफआईआर में दाखिल अंतिम रिपोर्ट के विरूद्ध रिवीजन निचली अदालत महाराजगंज में दाखिल की गयी है। यह आदेश न्यायमूर्ति एस.डी सिंह ने महाराजगंज निवासी तलत अजीज की निगरानी पर अधिवक्ता एस.एफ.ए नकवी व अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व एजीए प्रथम ए.के सण्ड को सुनकर दिया है।

प्रश्नगत रिवीजन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के विरूद्ध दर्ज प्राथमिकी में अंतिम रिपोर्ट दर्ज करने के बाद दाखिल प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र को निचली अदालत ने 13 मार्च 2018 को परिवाद खारिज कर दिया था। मालूम हो कि 11 फरवरी 1999 को महाराजगंज जिले के थाना कोतवाली में तलत अजीज द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी कि 10 फरवरी को सायं सात बजे योगी आदित्यनाथ अपने समर्थकों के साथ असलहों से लैस होकर आए और मुझ पर गोली चलायी जिसमें सत्य प्रकाश गनर की मौत हो गयी। इस प्रकरण में क्रॉस केस योगी आदित्य नाथ ने भी कोतवाली थाने में दर्ज करायी थी। यह प्राथमिकी श्रीमती तलत अजीज, जनार्दन ओझा पूर्व विधायक व अन्य के विरूद्ध दर्ज करायी थी।

पूर्व में निचली अदालत ने दो प्रकरणों में अंतिम रिपोर्ट दाखिल होने पर 08 फरवरी 2005 को एक साथ सुनवाई करने का आदेश दिया था। क्रॉस केस में दाखिल रिवीजन को निचली अदालत ने सुनवाई हेतु एडमिट कर लिया है।

 

BY- Court Corrospondence

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश