
इलाहाबाद. यूपी सरकार की एनकाउंटर नीति पर गलत बयान देने के आरोपी आगरा के इंस्पेक्टर जगदंबा सिंह के निलम्बन का आदेश हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने निलंबन आदेश को लेकर एसएसपी आगरा को तलब किया था। एसएसपी द्वारा निलंबन आदेश को स्वयं वापस लेने के आश्वासन के बाद कोर्ट ने स्वयं ही आदेश रद्द कर दिया है। जगदंबा सिंह ने निलम्बन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
याची के अभिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि कुछ न्यूज चैनलों पर ‘फेक एनकाउंटर’ और ‘खबरदार’ नाम से कार्यक्रम चला जो पुलिस द्वारा हाल में किए गए एनकाउंटरों पर आधारित था। इस कार्यक्रम में याची का एक वीडियो चलाया गया जिसमें उस पर एनकाउंटर को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए दिखाया गया । वास्तविकता यह है कि याची ने ऐसा बयान नहीं दिया था। कुछ माह पूर्व उसकी कुछ लोगों से बातचीत हुई थी जिसकी चुपके से वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली गई। इस रिकॉर्डिंग को कांट- छांटकर दिखाया गया। याची की पूरी बात नहीं दिखाई गई। याची का कहना था कि प्रारम्भिक जांच में भी उसके खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है जिससे उसके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सके। एसएसपी आगरा ने कोर्ट को बताया कि वह प्रारम्भिक जांच पूरी होने तक निलम्बन आदेश वापस लेना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने छह अगस्त 2018 के निलम्बन आदेश को रद्द कर दिया है।