इलाहाबाद. पूर्व सांसद बाहुबली नेता अतीक अहमद के करीबी के दो बेटे और दामाद को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तीनों पर करोंडों की सरकारी जमीन कब्जा करने का आरोप है। इसमें से दो आरोपियों पर राजूपाल हत्याकांड के गवाह को धमकाने का भी आरोप है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसपी सिटी सिद्धार्थ सिंह मीणा ने बताया कि पिछले महीने पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी भूमाफिया रफीक उर्फ गुलफुल और उसके बेटे बदूद अहमद के खिलाफ कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी। इसके बाद से तीनों को पकड़ने के लिए पुलिस जगह-जगह छापेमारी कर रही थी। गुरुवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि झलवा स्थित विष्णु भगवान पब्लिक स्कूल के पास तीनों घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच तीनों को धरदबोचा।
एसपी सिटी ने बताया कि इन्होंने जलालपुर घोसी गांव और नसीरपुर सिलना गांव में लेखपाल राजकुमार के साथ मिलकर 45 बीघा सरकारी जमीन का हेरफेर किया था। लेखपाल ने सरकारी जमीन को कई खातेदारों के नाम कर दिया। संबंधित मामले में लेखपाल और नसीरपुर सिलना के भूमाफिया रफीक उर्फ गुलफाम पर 30 जनवरी को एसडीएम सदर ने केस दर्ज करवाया था। जमीन का खेल लेखपाल ने सदन मंे नियुक्ति के दौरान किया था।
जांच में पता चला कि जमीन का यह खेल 45 नहीं बल्कि 145 बीघे था। प्रकरण के सामने आते ही लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि गुलफुल के बेटे आंबिद व बदूद के रायफल का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि आबिद अली रोडवेज बस चालक है और बदूद रेलवे में खलासी की नौकरी करता है। इनका मुख्य धंधा लोगों को धमका कर जमीन कब्जा करना है।
राजूपाल हत्याकंाड के गवाह को दी थी धमकी
शहर पश्चिमी के पूर्व विधायक राजूपाल हत्याकांड मामले में मुख्य गवाह कृष्ण कुमार उर्फ उमेश पाल ने पूर्व सांसद अतीक अहमद, अतीक के छोटे भाई पूर्व विधायक अशरफ, रफीक, वदूद सहित 24 नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। संबंधि तमाले को लेकर उमेश पाल को कोर्ट परिसर में घेरकर गोली मारने की धमकी और अपहरण करने की कोशिश की गई थी। इस मामले में गुलफुल का बेटा आबिद अली व भीटी गांव निवासी उसके दामाद अतीक अहमद का नाम भी सामने आया है।