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निगम की मनमानी : पानी आपूर्ति में कर रहे कटौती
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निगम की मनमानी : पानी आपूर्ति में कर रहे कटौती

सुबह एक की बजाए आधा घंटा तो शाम को आपूर्ति ही ठपपेयजल के लिए परेशान हो रहे शहरवासीपूरी गर्मी जूटमिल क्षेत्र के लोग रहे परेशानअव्यवस्था दूर करने में निगम कर रही लापरवाही
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रायगढ़

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CHUDAMADI SAHU

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Updated: 2 Jul 2023, 7:29 PM IST

रायगढ़. शहरी क्षेत्र के अधिकांश हिस्से में पेयजल की समस्या बनी हुई है। हालात यह है कि सुबह दो घंटा की बजाए कभी आधा घंटा तो कभी इससे भी कम और शाम को एक घंटा की बजाए पूरी तरह से बंद की स्थिति हो गई है। इस अव्यवस्था को निगम के अधिकारी कागजों में ही दूर कर रहे हैं। निगम की इस लापरवाही कार्यशैली से शहर के लोग परेशान हो रहे हैं।
अमृत मिशन योजना के तहत शहरी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति हो रही है। बीते मई और जून की स्थिति पर गौर करें तो इस समय भीषण गर्मी थी। इस समय भी निगम के अधिकारी ेजूटमिल क्षेत्र में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं कर सके। खास बात यह है कि पानी की समस्या से एमआईसी के जल प्रभारी संजय चौहान का वार्ड भी प्रभावित था। इस समय निगम के अधिकारी महत दो से चार दिनों में समस्या दूर करने का आश्वासन देते रहे। वहीं एक सप्ताह से शहर का अधिकांश हिस्सा के लिए परेशान हैं। नगर निगम के द्वारा सुबह दो घंटा और शाम को एक घंटा पानी आपूर्ति किए जाने का नियम बनाया गया है, लेकिन यह निगम कागजों तक ही सीमित है। पिछले एक सप्ताह से पानी आपूर्ति का कोई भी समय निर्धारित नहीं है। वहीं यह भी ठीक नहीं है कि पानी की आपूर्ति निगम के द्वारा की जाएगी या नहीं। रविवार की सुबह भी यही हालात रहे। सुबह पौने सात बजे से पानी आने का इंतजार करते रहे, लेकिन पानी काफी लेट में आया। वहीं करीब आधा घंटा आपूर्ति के बाद नल की टोंटी सूख गई। इसी तरह शाम चार बजे भी पानी आने का इंतजार करते रहे, लेकिन चार से पांच बज गए और पानी नहीं आया। ऐसे में लोग ऐसे घरों में पहुंचे जहां निजी बोर है वहां से पीने के लिए पानी लिए।
नहीं निकाले बोर, नहीं माने
अमृत मिशन योजना के तहत पानी आपूर्ति तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह से व्यस्थित नहीं है। कभी बिजली को लेकर तो तकनीकी अन्य खराबी आने पर आपूर्ति बाधित होती है। ऐसे में सामान्य सभा मेंं यह कहा गया था कि बोर को नहीं निकाला जाए, ताकि आपात स्थिति में लोगों को बोर के माध्यम से पानी आपूर्ति की जा सकेगी। इसके बाद भी अधिकांश स्थानों के बोर निकाल लिए गए।
मटमैला पानी आने की है समस्या
नगर निगम के द्वारा शहरी क्षेत्र में पानी आपूर्ति करने के लिए केलो नदी से पानी लिए जाता है। इसके बाद इसे फिल्टर करते हुए विभिन्न टंकियों के माध्यम से लोगों के घरों में पहुंचाया जाता है। बारिश के दिनों में नदी का पानी काफी ज्यादा खराब हो जाता है। ऐसे में अभी तो लोगों के घरों में पानी आपर्ति हो रही है वह मटमैला है।
भाजपा पार्षद का यह है आरोप
नगर निगम के पूर्व सभापति भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुभाष पाण्डेय ने इस अव्यवस्था पर आरोप लगाते हुए कहा है कि नागरिकों को अमृत मिशन योजना के अन्तर्गत सम्पूर्ण 48 वार्डो में दूषित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। अमृत मिशन के फिल्टर प्लांट में केलो नदी से दूषित पानी प्राप्त हो रहा है, जो कि जिले में स्थापित उद्योगों का फ्लाईएस सीधे नदी प्रवाहित होने के वजह से नदी के जल को दूषित कर रहा है। फिल्टर प्लांट में समय पर शुद्धिकरण न होने के वजह से पेयजल की आपूर्ति अत्यंत ही कम की जा रही है। दूषित पेयजल की वितरण से पीलिया एवं अन्य संक्रामक बीमारी भी रायगढ़ नगर निगम में फैलने की संभावना है।