रायपुर. शांति सरोवर ऐसा स्थान है, जहां 300 फीट लंबी गुफा में प्रवेश करते ही भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन भक्तों को होते हैं। भक्ति का उल्लाास का यहां ऐसा संगम, जहां दिनभर तांता हुआ नजर आता है। महाशिव रात्रि पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाहोत्सव के रंग समेटे हुए झांकियां मन मोह रही थीं, तो दूसरी तरफ भक्तिरस में थिरकते बाल कलाकार उल्लास में भक्ति का रंस भरते हुए नजर आते हैं.
रायपुर-बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पर प्ररजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का शांति सरोवर है। जहां दो दिनों से लोग बड़े ही भक्तिभाव से द्वादश ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने पहुंच रहे हैं और भोलेनाथ के दर्शन कर धन्य अनुभव करते हैं। इस अवसर पर नन्हे मुन्ने बाल कलाकारों द्वारा सृष्टि का इतिहास बतलाते हुए सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलियुग में प्राचीन भारत की गौरवगाथा का सजीव चित्रण देख भाव विभोर हो उठते। महाशिवरात्रि पर्व के आध्यात्मिक रहस्य को कमेन्ट्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह बताया गया है कि यह परमात्मा शिव के दिव्य अवतरण की ही यादगार है।
प्रदर्शनी में आध्यात्म के झलक
द्वादश ज्योतिर्लिंग को मनोरम तरीके से तीन सौ फीट लम्बी गुफा के अन्दर प्रदर्शित किया गया है। यहीं पर शिव दर्शन आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। जहाँपर प्रशिक्षित गाईड एक-एक चित्र पर समझाकर लोगों की जिज्ञासा को शांत करते हैं। ब्रह्माकुमारी संस्थान की रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने बताया कि 21 फरवरी तक प्रतिदिन शाम को 6 से रात्रि 9 बजे तक द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन लोग कर सकते हैं।