
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला आरक्षण से संबंधित नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) से जुड़े131वें संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा (Lok Sabha) में खारिज होने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा प्रहार किया। सीएम साय ने 17 अप्रैल को रायपुर (Raipur) में कहा कि यह विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि देश की मातृशक्ति (Matrushakti) के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने का प्रयास है। यह रूख उन करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और विश्वास पर सीधा आघात है, जिन्होंने अपने सशक्त भविष्य का सपना देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को शासन और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को समान अवसर, राजनीतिक भागीदारी और सशक्त पहचान देने के लिए केंद्र सरकार निरंतर ठोस कदम उठा रही है। ऐसे समय में कांग्रेस, टीएमसी (TMC) और इंडिया गठबंधन द्वारा इस महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध उनकी संकीर्ण मानसिकता और दोहरे मापदंड को उजागर करता है।
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