जहां एक तरफ अयोध्या में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की धूम है, धराड़ में भी मंदिर को अयोध्या सा सजाया गया है। 22 जनवरी को यहां सुबह से हवन, दोपहर में महाआरती के बाद 2 बजे से नगर भोज का आयोजन होगा। शनिवार सुबह से अखंड रामायण पाठ किया जा रहा है, तो शाम को सुंदरकांड का आयोजन हुआ। गांव से लेकर मंदिर तक भगवा ध्वज लगाए है, तो स्वागत द्वार के साथ आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। मंदिर पर 100 से अधिक ध्वज लहरा रहे हैं। वर्तमान में मंदिर की देखरेख पालीवाल समाज की ओर से की जा रही है।
छोटी अयोध्या से सजा रहे हैं
65 वर्षीय मंदिर के पुजारी रामदास बैरागी ने बताया कि हम चार पिढ़ी से मंदिर में सेवा कर रहे हैं। अखंड रामायण तीन दिन चलेगी। साढ़े तीन साल पुराना मंदिर है, इसमें भगवान श्रीराम लक्ष्मण और माता जानकी की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर पर महाराजा रतनसिंह के नाम का शीलालेख भी मौजूद है। समीप ही गरुड़ के समीप विष्णु भगवान की मूूर्ति है। परिसर में बड़ी मूर्ति हनुमानजी की है। पूर्व में यह नदी 12 माह बहती थी, मंदिर के सामने डेम बना हुआ। इस वर्ष अयोध्या में सजाया जा रहा है।