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Mandi strike-वीडियो: करोड़ों के कारोबार पर असर

रतलाम। कृषि उपज मंडी में अनाज व्यापारियों के बाद अब मंडी कर्मचारी-अधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन दिन से हड़ताल पर है। मंडी में व्यापार-व्यवसाय ठप्प पड़ा है तो किसानों से लेकर हम्माल-तुलावटी, मजदूर सब परेशान होने लगे हैं, तो करोड़ों का कारोबार पर असर पड़ रहा है। मंडी व्यापार की बात करें तो प्रतिदिन करीब साढ़े 7 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है, इस मान से मंडी प्रशासन को भी हर दिन करीब पांच लाख रुपए टैक्स नुकसान हो रहा है।

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संयुक्त संघर्ष मोर्चा मप्र मंडी बोर्ड भोपाल के आव्हान पर बुधवार को भी मंडी परिसर में अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार मुख्यमंत्री के सम्मान में हड़ताल पे…हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते जैसे नारे लगाते नजर आए।

ये कर्मचारी रहे हड़ताल में उपस्थित
इस दौरान हड़ताल पर मंडी सचिव एमएस मुनिया, कर्मचारी राजेन्द्र व्यास, नाजिम अली खान, शम्भूसिंह सोलंकी, राकेश बाबू राजपूत, अमरसिंह गेहलोत, गोपालकृष्ण कोटवानी, योगेशसिंह कुशवाह, बृजकिशोर द्विवेदी, नागेश कुमार रोसल्या अमृत लाल सांकला, गोपाल पारगी, ईश्वरलाल पारगी, ईश्वरलाल बूज, पंकज मावर, मंगलदास बैरागी, किशोर डामर, देवेंद्र सिंह गेहलोत आदि उपस्थित थे।

किसान भी परेशान
नोगांवा के किसान नारायण पाटीदार ने बताया कि मंडी बंद होने से किसानों अपनी उपज नीलाम नहीं करवा पा रहा है। वर्तमान समय रबी की तैयारी, खरीफ कटाई का है। इसलिए मंडी शुरू करना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिले। क्योंकि उपज बेचने के बाद ही किसान मजदूरी, मशीनरी आदि के रुपए दे पाएगा।