शहर के प्रसिद्ध मंदिर में लगातार चले अरे अनुष्ठान की गूंज से चहुंओर भक्तिमय वातावरण रहा। मां के जयकारों और मंत्रोच्चारण से सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंगलवार को महालक्ष्मी जन्मोत्सव के मौके पर पंच जडीया श्रीमाल समाज की ओर से आयोजित किए गए धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की। वहीं, एक दिन पूर्व आयोजित भजन संध्या में भी सुमधुर भजनों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। शाम से लेकर देररात तक चली इस भजन संध्या में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया।
मां का किया दुग्धाभिषेक
मां लक्ष्मी के जन्मोत्सव पर माता का दुग्धाभिषेक किया गया। श्रीमाल समाज अध्यक्ष नरेश श्रीमाल ने बताया कि पूजन में श्रीमाल समाज के यजमान केदार संग लीना श्रीमाल, सचिन संग निकिता श्रीमाल,मनोज संग राखी श्रीमाल, प्रतीक संग पूजा श्रीमाल और कन्हैया संग राखी श्रीमालद्वारा किया गया। माता का दुग्ध अभिषेक श्रीमाल समाज के सभी सदस्यों द्वारा किया गया। माता की आंगी राही द्वारा धराई गई। श्रीमाल समाज के सचिव निखिलेश श्रीमाल ने बताया कि आचार्य रौनक नागर और उपाचार्य जी हर्षवद्र्धन के सानिध्य में शुभ मुहूर्त में गणेश पूजन कर माताजी का कनकधारा स्त्रोत से अभिषेक किया गया। साथ ही दोपहर की आरती राधेलाल के परिवार द्वारा की गई।
शोभयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं का उत्साह
समाज उपाध्यक्ष सचिन श्रीमाल ने बताया कि मंगलवार शाम को भव्य शोभायात्रा होगी। माता रानी का रथ समाजजनों के द्वारा खींचा जाता आया है। शोभायात्रा में जिग्नेश और भजन मण्डली के भजन कीर्तन एवं गाजे-बाजे के साथ गरबा नृत्य करते हुए शहर के भीतरी भाग आजाद चौक, धनावाव, पिपली चौक, नागर वाड़ा, पैलेस रोड होते हुए महालक्ष्मी चौक स्थित महालक्ष्मी मन्दिर तक पहुंची। जहां भव्य आरती की गई।