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REWA में मौसम का कहर: बारिश व ओलावृ​ष्टि में बह गई किसानों की फसल, परिवार के भरण पोषण का संकट
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REWA में मौसम का कहर: बारिश व ओलावृ​ष्टि में बह गई किसानों की फसल, परिवार के भरण पोषण का संकट

त्योंथर के पूर्वांचल हिस्से दर्जनभर गांवों में ओलावृष्टि, तबाह हो गई रबी फसल
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रीवा

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Sonelal Kushwaha

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Updated: 2 Apr 2023, 1:56 AM IST

रीवा। मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में लगातार प्रकृति की मार झेल रहे किसानों पर एक बार फिर बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि का कहर टूटा है। शुक्रवार शाम हुई इस बारिश ने किसानों की आंखों में आंसू ला दिए। उनकी खेतों में पड़ी फसल पानी में बह गई। फसल बहने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा।

त्योंथर क्षेत्र में अधिकांश किसानों की फसल कटने के बाद खेत में पड़ी थी। शुक्रवार शाम को अचानक मौसम का मिजाजा बदला और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश हो गई। कुछ देर बाद बारिश के साथ ओलावृष्टि भी शुरू हो गई।

जमकर मचाई तबाही

आसमान से गिर बड़े आकार के पत्थरों ने किसानों की पूरी फसल बर्बाद कर दी। बारिश के बाद पहाड़ के नीचे स्थित दुआरी गांव में भयावह मंजर देखने को मिला। पहाड़ का पानी नीचे उतरकर खेतों से होकर बहने लगा, जिसमें किसान की फसल भी उतरा गई। महज आधे घंटे की बारिश और ओलावृष्टि ने इस पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई है। तमाम मुश्किलों का सामना कर फसल तैयार करने वाले किसान अब उसने नष्ट होते देखने को मजबूर हैं।

पानी में भींगी फसल, गेहूं के बीज हो रहे खराब
लगातार बारिश की मार झेल रहे किसानों की गहाई प्रभावित हो सकती है। बार-बार फसल पानी में भींग रही है, जिससे बीज खराब हो रहे हैं। कई किसानों के गेहूं तो पानी में भींगने के काले पडऩे लगे हैं। इतना ही नहीं खलिहान में रखी दलहनी फसलों को भी नुकसान हुआ है। लगातार बारिश से किसान अपनी फसलों की गहाई कर ही नहीं पा रहे है। ऐसे में गहाई में भी इस बार काफी समय लग सकता है।
किसान बोले
ओलावृष्टि और बारिश से हमारी फसल बर्बाद हो गई है। बार-बार फसल भींग रही है। इस वजह से गेहूं खराब हो गया। रही सही कसर एक दिन पूर्व ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। हमारी पूरी फसल चौपट हो गई है। इस वर्ष खेती से बिक्री करना तो दूर खाने तक को अनाज मिलना मुश्किल है।
जगदीश प्रसाद पाण्डेय, बसहट

हमारी फसल पूरी तरह से पक चुकी है। कटाई-गहाई की तैयारी थी, लेकिन बारिश हो गई। इससे पकी फसल खेत में सड़ रही है। ओलावृष्टि से भी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में हमारे सामने अब गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शासन तत्काल फसलों का यथाउचित मुआवजा दिलाने की व्यवस्था करें।
हनुमान चौहान, निवासी बसहट