सागर. शक्ति की आराधना का पावन पर्व शारदेय नवरात्र का उल्लास और उत्साह से मनाया जा रहा है। मां की भक्ति के साथ साथ विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे हैंं। शहर में कुछ पंडाल अपनी अनूठी विशेषताओं को लेकर आकर्षण का केंद्र रहते हैं। शहर में कंधे वाली काली के दर्शनों के लिए भक्तों की कतार लग रही हैं। शहर में 200 अधिक पंडालों में देवीजी की प्रतिमाएं विराजमान हैं। शक्तिपीठों और दुर्गा पंडालों में सुबह-शाम भीड़ उमड़ रही है।
सिंधी कॉलोनी में सजा मां विंध्य वासिनी का साचा दरबार
सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल धर्मशाला में सिंधु युवा संस्थान व सिंधी समाज ने नवदुर्गा पर्व पर तीन दिवसीय झांकी सजाई जा रही है। जिसमें मिर्जापुर की मां विंध्य वासिनी का साचा दरबार, मां बूढ़ी खैर माई, शिव विराट रूप, बाल स्वरूप रामचंद्र और भगवान झूलेलाल जी की झांकी सजाई है। बुधवार को शाम 8 बजे झांकी को खोली गई। सर्वप्रथम पंडित श्रीधर शर्मा ने आरती कई। इस मौके पर पंचायत अध्यक्ष भीष्म राजपूत, माधोमल हसरेजा, हरीश नागवानी, अशोक सुंदरानी, परमानन्द पंजवानी, नन्दलाल, जगदीश दरयानी, अशोक सौम्या, मनोहरलाल तनवानी, कोटु मीरचंदानी, उद्धवदास राजपाल, राजेश मनवानी एवं कन्हैयालाल कटारिया आदि मौजूद रहे।
मातारानी को किए छप्पन भोग अर्पित
सागर. सिद्धेश्वरी धाम मंदिर मकरोनिया में विराजमान मातारानी दुर्गा जी को मंदिर के आचार्य अवधेश महाराज के सानिध्य में छप्पन भोग अर्पित कर भोग लगाया गया। मातारानी के भक्तगण अपने- अपने घर से कई प्रकार के व्यंजन बनाकर लाए और माता के चरणों में अर्पित कर भोग लगाया। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी बद्री प्रसाद दुबे, बालकृष्ण तिवारी, यजमान देवेन्द्र कुर्मी, अभिषेक रैकवार, आर आर पाराशर, अमर रैकवार, योगेश पटेल, विशाल कुर्मी, विजय पाराशर, गौरव विश्वकर्मा एवं आदर्श अहिरवार आदि मौजूद रहे।