
सहारनपुर। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए सैन्यकर्मियाें काे सहारनपुर में ठीक से उपचार तक नहीं मिल सका। सीएचसी फतेहपुर से दाेनाें काे खुले जख्माें के साथ ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया ताे जिला अस्पताल में भी दाेनाें स्ट्रेचर पर तड़पते रहे। यहां इन्हे स्ट्रेचर पर ही टांके लगा दिए गए जबकि एक फाैजी का पैर घुटने से लेकर नीचे अंगूठे तक बुरी तरह से फट गया था। इतना भी ठीक था हद ताे उस समय हाे गई जब स्पेशलिस्ट काे कॉल पर ही नहीं आए। ईएमआे ने इन घायलाें काे प्राथमिक उपचार ताे दे दिया लेकिन जिन स्पेश्लिस्ट डॉक्टर की ड्यूटी थी वह कॉल पर ही नहीं आए। ईएमआे आैर स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉक्टर काे कई बार कॉल की गई लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इससे भी अधिक हैरानी की बात यह है कि जब कॉल ना मिलने पर डॉक्टर के घर किसी काे बुलाने के लिए भेजा गया ताे इसके बाद पहुंचे डॉक्टर इस बात पर गुस्सा हाे गए कि उन्हे इस तरह से क्याे बुला लिया गया सुब आठ बजे ताे उन्हे आना ही था। डॉक्टर के लेट आने की वजह से एक बार दाेबारा दाेनाें घायल सैन्यकर्मियाें की पट्टियां खाेलनी पड़। यह पहली घटना नहीं ह अक्सर सहारनपुर अस्पताल में डॉक्टर कॉल पर आने से आना-कानी करते हैं।